Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

आदिवासी समाज

मध्यप्रदेश में नई मत्स्य नीति की असली कसौटी

मध्यप्रदेश ने नई एकीकृत मत्स्य नीति-2026 और हजारों करोड़ रुपये के निवेश के साथ “ब्लू इकॉनमी” की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। लेकिन उत्पादन और निवेश केंद्रित इस मॉडल के बीच पारंपरिक मछुआरों के अधिकार, आजीविका, सहकारी व्यवस्था और…

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासी फिर सड़क पर, ‘चिता आंदोलन’ दोबारा शुरू

देशभर के पर्यावरण और आदिवासी संगठनों का समर्थन बुंदेलखंड (मध्य भारत) की आदिवासी महिलाओं और किसानों का असाधारण ‘चिता आंदोलन’ कुछ समय स्थगित रहने के बाद 3 जुलाई 2026 को फिर से शुरू हो गया है — मध्य प्रदेश के…

30 जून  :  अन्याय के संगठित लड़ाई का‌ मार्ग दिखाता है हूल आंदोलन

30 जून 1855 को संथालों ने केवल अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध हथियार नहीं उठाए, बल्कि जल, जंगल और जमीन पर अपने अधिकार की ऐतिहासिक घोषणा भी की। 171 वर्ष बाद भी ‘हूल’ केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि विस्थापन, संसाधनों…

सिकुड़ते जंगल, बढ़ता भय — विकास की कीमत कौन चुकाएगा?

जंगल सिमट रहे हैं और वन्यजीव गांवों की ओर बढ़ रहे हैं। खेतों में हाथी, बस्तियों में तेंदुए और गांवों की चौखट तक पहुंचते बाघ केवल वन्यजीव संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि असंतुलित विकास की चेतावनी हैं। सवाल यह नहीं…

ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा संपन्न, खनन विस्तार और आदिवासी विस्थापन पर जताई चिंता

नागावी पहाड़/ओडिशा, 3 जून 2026। ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा आज संपन्न हुई। यात्रा के दौरान यह बात सामने आई कि ओडिशा में दुर्लभ खनिज (रेयर मैटेरियल) के नाम पर जिस तरह पहाड़ों की कटाई की योजनाएं बनाई जा रही हैं,…

संग-साथ का श्रम : खेती के लिए ‘अड़जी-पड़जी’

नब्बे के दशक की शुरुआत में आए भू-मंडलीकरण के बाद की सभी रंगों-झंडों की सरकारों की सबसे बड़ी चिंता रही है – कृषि में लगी ग्रामीण आबादी के ‘सरप्लस’ को किस तरह उद्योगों यानि शहरों की तरफ हकाला जाए। विडंबना…

वरिष्ठ गांधीवादी नेता डॉ. रन सिंह परमार पंचतत्व में विलीन, राजनीति और समाजसेवा जगत ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुरैना/ग्वालियर। एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता एवं महात्मा गांधी सेवा आश्रम के पूर्व सचिव रन सिंह परमार का 13 मार्च को छत्तीसगढ़ के तिल्दा ( रायपुर) में आयोजित आदिवासी सम्मेलन के दौरान आकस्मिक निधन हो गया…

भगौरिया मेले में उमड़ा जनसैलाब, परंपरा के साथ दिखे राजनीति के रंग

झाबुआ से लौटकर कुमार सिद्धार्थ की रिपोर्ट झाबुआ, 2 मार्च। आदिवासी अंचल का प्रसिद्ध लोकपर्व भगौरिया इस बार झाबुआ के उत्कृष्ट मैदान में पूरे उत्साह, परंपरा और बदलते सामाजिक-राजनीतिक रंगों के साथ देखने को मिला। होली से पहले लगने वाले…

एकता परिषद : संगठन से समाज तक की यात्रा

यह जानना रोचक है कि करीब चार दशक पहले शुरु हुआ जन-संगठन ‘एकता परिषद’ अब उस समाज को अपने पैरों पर खड़ा कर पाने में सफल होता दिख रहा है जो शुरुआत में संसाधन-विहीन, निरक्षर और हाशिए पर था। यात्रा…

संविधान बनाम खनन : पचामा दादर में पर्यावरणीय न्याय की परीक्षा

मध्यप्रदेश के बालाघाट स्थित पचामा दादर बॉक्साइट ब्लॉक की प्रस्तावित खनन परियोजना पर्यावरणीय मानकों, जल संसाधन आकलन और वनाधिकार प्रावधानों की गंभीर अनदेखी के आरोपों में घिर गई है। अधूरी ईआईए रिपोर्ट, घटते भूजल स्तर, समृद्ध जैव विविधता वाले वन…