कृषि संसार

संग-साथ का श्रम : खेती के लिए ‘अड़जी-पड़जी’

नब्बे के दशक की शुरुआत में आए भू-मंडलीकरण के बाद की सभी रंगों-झंडों की सरकारों की सबसे बड़ी चिंता रही है – कृषि में लगी ग्रामीण आबादी के ‘सरप्लस’ को किस तरह उद्योगों यानि शहरों की तरफ हकाला जाए। विडंबना…

विदेशी जीएम लॉबी के चंगुल में भारत की खाद्य संप्रभुता को खतरा, केंद्र को जीएम-मुक्त भारत गठबंधन ने किया आगाह

नई दिल्ली, 20 अप्रैल । जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएम) फसलों के आयात और उनके संभावित प्रभाव को लेकर देश में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। ‘जीएम-मुक्त भारत गठबंधन’ (Coalition for a GM-Free India) ने केंद्र सरकार को एक…

युद्ध के दबाव में कृषि

अमरीका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ा गया निरर्थक युद्ध अब असर दिखाने लगा है। भरे-पूरे, जीवित देशों की बरबादी और असंख्य मौतों के अलावा तेल की कमी से पैदा हुए कृषि, खाद्य, परिवहन और तरह-तरह की जरूरतों के संकट ने…

‘ट्रेड-डील’ में सोयाबीन : पिछले दरवाजे से प्रवेश देने का कारनामा

अमरीका के साथ हुई हाल की ‘ट्रेड-डील’ के बारे में जितना, जो कुछ पता चल रहा है उससे उजागर हो रहा है कि यह ‘डील’ भारत के किसानों के लिए भांति-भांति के संकट खड़े करेगी। सोयाबीन उनमें से एक है।‘ट्रेड…

वैश्विक समझौतों की बिसात पर छोटे पशुपालक

भारत सरीखे कृषि प्रधान देश में वैश्विक व्यापार समझौतों का सीधा असर कृषि और किसानों पर होता है। वैसे भी हमारे यहां कृषि और पशुपालन, प्राथमिक रूप से व्यापार की बजाए पेट भरने की तकनीक मानी जाती है और ऐसे…

केंद्र सरकार से किसानों का विश्वास टूटा, व्यापार समझौते और नए विधेयक किसान विरोधी — भाकियू

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने भारत सरकार द्वारा अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ किए गए हालिया व्यापार समझौतों और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इन कदमों…

ओरण के अस्तित्व के लिए ‘राष्ट्रीय गोसेवा नीति’

अरावली संरक्षण को लेकर उठे हाल के जनांदोलन ने एक बार फिर चरोखर यानि ‘ओरण’ और दुधारू पशुओं की अहमियत भी उजागर कर दी है। दरअसल पर्यावरण आसपास की तमाम-ओ-तमाम प्राकृतिक इकाइयों के मिलने से बनता है जिनमें चरोखर और…

खेती को खतरे में धकेलते व्यापार समझौते और कानून

पिछले कुछ हफ्तों में भारत ने ‘यूरोपियन संघ’ और अमरीका के साथ दो अलग-अलग व्यापार समझौते किए हैं। इन दोनों समझौतों में ‘यूरोपियन संघ’ के 27 देशों और अमरीका के भारी-भरकम सब्सीडी वाले कृषि उत्पादों को भारत में खपाने की…

आम बजट 2026 : ग्रामीण समृद्धि की रीढ़ बनेगा पशुधन

ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था अब केवल खेती पर निर्भर नहीं रही है। आम बजट में पशुधन, दुग्ध, मुर्गी और मत्स्य पालन को सशक्त करने के ठोस प्रावधान ग्रामीण आजीविका को नया आधार देते हैं। पशु-चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और कुशल…

कृषि संसार वन्‍य जीव एवं जैव विविधता

नीलगाय और जंगली सुअर : खेती और नीति की समस्या

नीलगायों और जंगली सुअरों का फसलों को चौपट करने के लिए खेतों में उतरना एक तरह से कथित ‘वैज्ञानिक वानिकी’ का ही नतीजा है। कई इलाकों में वन्यप्राणियों के वन-निवासियों से घातक द्वंद्व भी इसी पद्धति से उपजे हैं। इनसे…