उर्दू महज़ एक ज़ुबान नहीं, मोहब्बत और तहज़ीब की धड़कन है। इसके लफ़्ज़ होंठों से नहीं, दिल से निकलते हैं। 9 नवंबर को मनाया जाने वाला विश्व उर्दू दिवस हमें याद दिलाता है कि यह भाषा सदियों से इंसानियत, अदब…
पश्चिम एशिया में जारी महासंग्राम ने दुनियाभर में तेल का टोटा खड़ा कर दिया है। ऐसे में एक तरीका खाद्य फसलों के स्टार्च यानि मांड़ से बनाए जाने वाले एथेनाल का अजमाया जा रहा है। क्या होगा, जब पैट्रोलियम की…
देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और संवैधानिक प्रावधान मौजूद हैं, फिर भी बाल मजदूरी, तस्करी, यौन शोषण और बच्चों के लापता होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और मानवाधिकार…
मौजूदा विकास का तौर-तरीका कुछ ऐसा है कि सीमेंट के घने जंगलों में तब्दील होते हमारे शहर अब ‘अर्बन हीट आइलैंड’ यानि गर्मी के शहरी टापू बनते जा रहे हैं। ऐसे में जापानी वनस्पति-शास्त्री अकीरा मियावाकी की बताई तकनीक एक…
जेएसए इंडिया ने स्वतंत्र जांच, जवाबदेही और कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की भोपाल 9 जून। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में 8 श्रमिकों तथा गुजरात के सूरत में 4 श्रमिकों की दुखद मृत्यु पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (जेएसए इंडिया) ने…
जयपुर, 9 जून। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) राजस्थान इकाई ने राजस्थान में फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र के माध्यम से डॉक्टर बनने के मामले में हुई कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह समस्या केवल विदेश से मेडिकल शिक्षा…
गंगा के किनारे बसे बिहार के मुंगेर, खगड़िया और बेगूसराय जिलों के हजारों परिवारों के लिए नदी केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि लगातार बढ़ते विस्थापन का कारण बन चुकी है। हर साल गंगा का कटाव सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन…
शंकरगढ़ (प्रयागराज)। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को लेकर जनजागरण के उद्देश्य से मंगल भूमि फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने लोनी नदी की अध्ययन यात्रा शुरू की है। यात्रा के दौरान स्वयंसेवक नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह, प्रदूषण, अतिक्रमण,…
पर्यावरण बचाने की पहल जैव-विविधता को संरक्षित करने से शुरु होती है। जैव-विविधता को समझकर उसे बचाने की कोशिश पर्यावरण को भी चाक-चौबंद रख सकती है। क्या है, जैव-विविधता की अहमियत? इसे कैसे सजाया-संवारा जा सकता है? प्रकृति केवल एक…
पश्चिमी मीडिया ने लगातार उछाला है कि ईरान-इजरायल-अमेरिका के संघर्ष में मुस्लिम देशों का शिया-सुन्नी विभाजन भी अहम भूमिका अदा करता है, जबकि गहराई से देखें तो पूंजी और प्रभाव के सामने साम्प्रदायिकता का यह नजरिया बेकाम साबित होता है।…