जनगणना 2027 : डिजिटल युग में भारत की सामाजिक-राजनीतिक पुनर्रचना
भागलपुर में लुप्त हो रही गांधी की स्मृतियों को बचाने की कोशिश
चंपारण के बाद महात्मा गांधी सबसे अधिक बार भागलपुर आए, लेकिन उनके आगमन की ऐतिहासिक स्मृतियां आज उपेक्षा और अतिक्रमण की शिकार हैं। बापू के भागलपुर आगमन के शताब्दी वर्ष पर जहां राष्ट्रीय समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं…
सिनेमा की सार्थकता : जावेद अनीस की जरूरी किताब
करीब डेढ साल पहले हम सबसे अचानक सदा के लिए विदा लेने वाले जावेद अनीस ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विषयों पर अपनी कलम चलाई थी। फिल्में भी उनकी नजर और नजरिए से बची नहीं थीं। हाल में फिल्मों…
जंतर-मंतर की एक रात और भारत की एक सुबह
अपनी शिक्षा और रोजगार की बुनियादी मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैठे और लगातार राज्य की क्रूर हिंसा और अनदेखी को झेलते युवा हमारे समय और समाज को क्या सिखा रहे हैं? क्या वे ठीक उसी तरह का…
जो गुस्सा सड़कों पर उबला वह सरोज जी की धारा की शायरी की जीत है
जनकवि की शताब्दी वर्ष में सरोज सम्मान से अभिनंदित होने के बाद बोले : गौहर रजा ग्वालियर, 27 जुलाई। पिछली करीब चौथाई सदी से बिना किसी व्यवधान के हर वर्ष 26 जुलाई को होने वाला देश का प्रतिष्ठित साहित्यिक कार्यक्रम…
सड़कों पर उतरा हुआ मुल्क वापस घर नहीं लौटता !
बारह वर्षों में केंद्र सरकार के सामने पहली बार ऐसा राजनीतिक संकट खड़ा हुआ है, जिसे लेखक एक छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता के रूप में देखते हैं। उनका तर्क है कि इस घटनाक्रम ने सत्ता के आत्मविश्वास, उसकी राजनीतिक…
जंतर-मंतर से उठी नई लोकतांत्रिक चेतना की बयार
जंतर-मंतर पर उभरा युवा आंदोलन भारतीय लोकतंत्र में नई आशा का संकेत है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस संघर्ष की मंजिल नहीं, बल्कि एक नए दौर का आरंभ है। यदि यह आंदोलन शिक्षा सुधार के साथ रोजगार, पर्यावरण, समानता और…
गांधी आगमन शताब्दी समारोह में अंग प्रदेश पर शोध ग्रंथ का होगा लोकार्पण
भागलपुर, 24 जुलाई। महात्मा गांधी आगमन के शताब्दी वर्ष पर 7 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंग प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय समारोह के लिए जहां विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति की जोर-शोर से तैयारी की जा रही है,…
शंभू बॉर्डर से जंतर-मंतर तक: संवाद, दमन, जवाबदेही और लोकतंत्र की सिकुड़ती होती सीमाओं की पड़ताल
लोकतंत्र की असली परीक्षा चुनावों से नहीं, बल्कि असहमति के प्रति उसके व्यवहार से होती है। हाल के छात्र आंदोलनों, किसान विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर की घटनाओं ने यह प्रश्न फिर खड़ा किया है कि क्या भारत में विरोध को…
परीक्षा व्यवस्था के संकट से लोकतांत्रिक टकराव तक
शिक्षा और सार्वजनिक भर्ती परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग को लेकर देशभर में छात्र-युवा आंदोलन तेज हो गया है। पेपर लीक, परीक्षाओं के निरस्त होने और नियुक्तियों में देरी से उपजे असंतोष ने अब इसे केवल परीक्षा…
संसद में कृषि : पर्यावरण और बीजों की स्वायत्तता
शुरु होने वाले संसद के मानसून सत्र में कृषि, खासकर ‘बीज विधेयक’ पर चर्चा होने की संभावना है। अमरीका से जारी ‘ट्रेड डील’ की बातचीत के दौरान होने वाली यह चर्चा ‘डील’ के उन जरूरी मुद्दों को उजागर कर सकेगी…























