शख्सियत

लक्ष्मी आश्रम की गांधीवादी कर्मयोगिनी कांति भट्ट ‘ओदी’ नहीं रहीं

90 वर्ष की आयु में हृदयाघात से निधन, अंतिम समय तक आश्रम की जिम्मेदारियां निभाती रहीं कौसानी, 4 जून। लक्ष्मी आश्रम, कौसानी (उत्‍तराखंड) की वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं गांधीवादी रचनात्मक परंपरा की महत्वपूर्ण हस्ती कांति भट्ट ‘ओदी’ का बुधवार को हृदयाघात…

सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों की जीवंत प्रतीक थीं कृष्णा रावल

शहर की सामाजिक व रचनात्‍मक संस्‍थाओं द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयेाजन इंदौर, 1 जून। सादगी, करुणा, सहिष्णुता और सामाजिक प्रतिबद्धता की मिसाल रहीं श्रीमती कृष्णा रावल (90 वर्ष) को रविवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शहर के प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं,…

नेहरू के पुण्य स्मरण के बहाने ‘भारतीयता’ की खोज !

क्या आज का भारत उस ‘भारतीयता’ से दूर होता जा रहा है जिसकी कल्पना पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में की थी? बदलते राजनीतिक-सामाजिक माहौल, धार्मिक पहचान के बढ़ते आग्रह और नागरिक स्वतंत्रताओं पर उठते सवालों के बीच…

नर्मदा आंदोलन की सहयोगी कृष्णा रावल का निधन, संघर्षों की साथी को अंतिम विदाई

इंदौर, 19 मई। मध्य प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री, समाजवादी नेता ओमप्रकाश रावल की धर्मपत्नी एवं नर्मदा बचाओ आंदोलन की वरिष्ठ सहयोगी कृष्णा रावल (90 वर्ष) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों,…

जेपी आंदोलन से पर्यावरण संघर्षों तक सक्रिय रहीं अनुराधा सिंह का निधन

सादगी, समर्पण और प्रकृति से गहरे जुड़ाव की मिसाल थीं भोपाल, 19 अप्रैल। विख्यात सर्वोदय नेता, विचारक और चिंतक आचार्य राममूर्ति जी की पुत्री, पर्यावरण शिक्षण और सजीव खेती से जुड़ी अनुराधा सिंह ( 80 वर्ष) का आज सुबह निधन…

प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और विचारक अनंतपद्मनाभन ने जीवन की तरह मृत्यु को भी साधकर ली अंतिम विदाई

सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और साथी मित्र रहे अनंत गंगोला ने याद किए अनंत के जीवन के प्रेरक पल मैसूर, 19 अप्रैल। देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक और संस्थागत नेतृत्व के लिए पहचाने जाने वाले अनंतपद्मनाभन गुरुस्वामी का शनिवार,…

भूदान आंदोलन के 75 वर्ष : भूमि, न्याय और नैतिकता की पुकार

इक्कीसवीं सदी के किसी भी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, स्थानीय, यहां तक कि मोहल्ले-पडौस के आपसी द्वंद्वों को देखें तो उनकी बुनियाद में भूमि के वितरण, विभाजन दिखाई देते हैं। ऐसे में साढ़े सात दशक पहले विनोबा भावे की अगुआई में हुए…

नंदलाल बोस की कला साधना एवं सर्जना

नंदलाल बोस एक महान भारतीय चित्रकार थे, जिन्होंने आधुनिक भारतीय कला को नई दिशा दी। उनका जन्म 1882 में हुआ और उन्होंने शांति निकेतन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय संविधान की मूल प्रति को सजाने का श्रेय भी उन्हें प्राप्त…

डॉ. अंबेडकर : सामाजिक न्याय से राष्ट्रीय एकता तक की प्रखर दृष्टि

डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके व्यापक राष्ट्रवादी चिंतन को समझने का समय है। सामाजिक न्याय के पुरोधा अंबेडकर ने संविधान, अधिकारों की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि रखा। आज के विभाजित…

डॉ. रनसिंह परमार : भाईजी और राजाजी के ‘प्रथम सत्याग्रही’

‘एकता परिषद’ के अध्यक्ष डॉ. रनसिंह परमार का यूं अचानक हम सबसे सदा के लिए विदा होना, हालांकि एक बार फिर जीवन की क्षणभंगुरता को ही उजागर करता है, लेकिन थोड़े धीरज से देखें तो उनकी कमी कई जगहों पर,…