Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Month: July 2026

चरखा क्या बोले : इतिहास के करघे पर बुना गया गांधी का स्वप्न

महात्मा गांधी के चरखे को स्वराज, स्वदेशी और श्रम की प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में केंद्र में रखकर डॉ. मीरा झा का उपन्यास “चरखा क्या बोले” स्वतंत्रता आंदोलन और ग्रामीण भारत की जीवंत गाथा प्रस्तुत करता है। यह कृति…

कोटा मातृ मृत्यु प्रकरण: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब

जन स्वास्थ्य अभियान राजस्थान इकाई की शिकायत पर आयोग का संज्ञान जयपुर, 30 जुलाई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग  ने जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) राजस्थान इकाई द्वारा कोटा में हुई मातृ मृत्यु एवं गंभीर स्वास्थ्य क्षति के मामले में दायर शिकायत…

मार्क्स, गाँधी और प्रेमचन्द : हमारे समय का संवाद

प्रेमचन्द को केवल हिन्दी के महान कथाकार के रूप में नहीं, बल्कि हमारे समय के एक जीवन्त वैचारिक हस्तक्षेप के रूप में देखने का आग्रह करता है। बढ़ती असमानता, बाजारवाद, लोकतान्त्रिक संकट और सामाजिक विघटन के दौर में यह विमर्श…

मानसून नहीं, शहरों की व्यवस्था समस्या है

देश की राजधानी दिल्ली में हाल की बरसात में, हर साल की तरह, एक बार फिर जो हुआ वह क्या ‘चरम मौसम’ की वजह से होने वाली भारी वर्षा भर की करामात है? क्या यही कारनामा देशभर के लगभग सभी…

भागलपुर में लुप्त हो रही गांधी की स्मृतियों को बचाने की कोशिश

चंपारण के बाद महात्मा गांधी सबसे अधिक बार भागलपुर आए, लेकिन उनके आगमन की ऐतिहासिक स्मृतियां आज उपेक्षा और अतिक्रमण की शिकार हैं। बापू के भागलपुर आगमन के शताब्दी वर्ष पर जहां राष्ट्रीय समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं…

सिनेमा की सार्थकता : जावेद अनीस की जरूरी किताब

करीब डेढ साल पहले हम सबसे अचानक सदा के लिए विदा लेने वाले जावेद अनीस ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विषयों पर अपनी कलम चलाई थी। फिल्में भी उनकी नजर और नजरिए से बची नहीं थीं। हाल में फिल्मों…

जंतर-मंतर की एक रात और भारत की एक सुबह

अपनी शिक्षा और रोजगार की बुनियादी मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैठे और लगातार राज्य की क्रूर हिंसा और अनदेखी को झेलते युवा हमारे समय और समाज को क्या सिखा रहे हैं? क्या वे ठीक उसी तरह का…

जो गुस्सा सड़कों पर उबला वह सरोज जी की धारा की शायरी की जीत है

जनकवि की शताब्दी वर्ष में सरोज सम्मान से अभिनंदित होने के बाद बोले : गौहर रजा ग्वालियर, 27 जुलाई। पिछली करीब चौथाई सदी से बिना किसी व्यवधान के हर वर्ष 26 जुलाई को होने वाला देश का प्रतिष्ठित साहित्यिक कार्यक्रम…

सड़कों पर उतरा हुआ मुल्क वापस घर नहीं लौटता !

बारह वर्षों में केंद्र सरकार के सामने पहली बार ऐसा राजनीतिक संकट खड़ा हुआ है, जिसे लेखक एक छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता के रूप में देखते हैं। उनका तर्क है कि इस घटनाक्रम ने सत्ता के आत्मविश्वास, उसकी राजनीतिक…

जंतर-मंतर से उठी नई लोकतांत्रिक चेतना की बयार

जंतर-मंतर पर उभरा युवा आंदोलन भारतीय लोकतंत्र में नई आशा का संकेत है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस संघर्ष की मंजिल नहीं, बल्कि एक नए दौर का आरंभ है। यदि यह आंदोलन शिक्षा सुधार के साथ रोजगार, पर्यावरण, समानता और…