जन स्वास्थ्य अभियान राजस्थान इकाई की शिकायत पर आयोग का संज्ञान
जयपुर, 30 जुलाई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) राजस्थान इकाई द्वारा कोटा में हुई मातृ मृत्यु एवं गंभीर स्वास्थ्य क्षति के मामले में दायर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। आयोग ने 27 जुलाई 2026 को राजस्थान के स्वास्थ्य सचिव को पत्र जारी कर इस मामले में आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार को इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई, जाँच की वर्तमान स्थिति तथा जाँच रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के साथ ही यह भी स्पष्ट करना है कि दोषियों के विरुद्ध अभी तक क्या कार्रवाई की गई है तथा पीड़ित परिवारों को क्या सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराया गया है।
जन स्वास्थ्य अभियान राजस्थान इकाई ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कोटा के सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध नकली/घटिया ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के उपयोग के कारण कई महिलाओं की मृत्यु हुई तथा अनेक महिलाओं को गंभीर और स्थायी स्वास्थ्य क्षति पहुँची। शिकायत में इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, प्रभावित महिलाओं के आजीवन उपचार, पुनर्वास तथा मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई थी।
जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया के बसंत हरयाणा, अनिल गोस्वामी, कैलाश मीणा, सोहनलाल, सीता धानका ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस मामले में संज्ञान लिए जाने का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि आयोग के हस्तक्षेप से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।


