विज्ञान और प्रौद्योगिकी

कैसी है ‘सुपर एल नीनो’ का सामना करने की हमारी तैयारी?

‘सुपर एल नीनो’ की आहट, कमजोर मानसून का खतरा और इनसे निपटने की देश की आधी-अधूरी तैयारी ने हमारे सामने कुछ बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘कोविड 19’ या हाल के खाड़ी संकट से उपजे हाहाकार को देखें तो…

विज्ञान और अध्यात्म : प्रकृति से प्रेम ही सनातन है

विकास, खासकर भौतिक विकास को हिंसक विनाश में तब्दील कर रहे नीति-निर्धारक, राजनेता और पूंजीपति एक बात में समान हैं। वे सब खुद को धार्मिक, सनातनी कहते-मानते हैं, लेकिन क्या उनका धर्म उन्हें प्रकृति के प्रति प्रेम, सरोकार नहीं सिखाता?…

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘एआई’ : मुकाबले में इंसानी अक्ल

कम्प्यूटर, इंटरनेट के बाद अब हमारे संसार में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ यानि ‘एआई’ का अवतार हुआ है। कहा जा रहा है कि इंसानी वजूद की तमाम-ओ-तमाम हरकतें ‘एआई’ की मार्फत आसानी से हल कर ली जाएंगी। यहां तक कि सोचने-विचारने की…

अपने जैसा ‘एआई’

‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ उर्फ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के कसीदे बांचते हुए हम अक्सर इस मामूली सी बात को भूल जाते हैं कि ‘एआई’ आखिरकार एक व्यक्ति और समाज की तरह हमारा ही प्रतिरूप है। यानि हम उस मशीन में जैसा और जितना…

संवेदनशील विज्ञान से ही जलवायु संकट का समाधान संभव : राजेंद्र सिंह

अहमदाबाद, 19 दिसंबर। प्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह ने कहा है कि अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी और विज्ञान यदि संवेदनशील, अहिंसक और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ें, तभी वैश्विक जलवायु परिवर्तन के संकट का स्थायी समाधान…

विद्युत सुधार : निजीकरण के सौ बहाने

करीब दो दशक पहले ‘टाटाराव कमेटी’ ने घाटे में चल रहे ‘मध्यप्रदेश विद्युत मंडल’ को ‘मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड’ में तब्दील करके दावा किया था कि अब इसके अंतर्गत बनी ‘मध्यक्षेत्र,’ ‘पूर्व क्षेत्र’ और ‘पश्चिम क्षेत्र’ की तीन कंपनियां…

सदैव आकर्षण का केन्द्र रहा है खूबसूरत लाल ग्रह

रात के आकाश में टिमटिमाते तारों के बीच एक लाल चमकता ग्रह सदियों से मानव जिज्ञासा का केंद्र रहा है—मंगल। इसी रहस्यमय ‘रेड प्लेनेट’ को जानने और मेरिनर-4 के ऐतिहासिक प्रक्षेपण को याद करने के लिए हर वर्ष 28 नवंबर…

विश्वास से परिवर्तन की ओर भविष्य को गढ़ता विज्ञान

हर वर्ष 10 नवंबर को मनाया जाने वाला ‘शांति एवं विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस’ हमें याद दिलाता है कि भविष्य की चुनौतियों का समाधान विज्ञान की प्रगति और समाज के विश्वास पर आधारित है। यूनेस्को की इस वर्ष…

मारिया कोरिना माचाडो : आलू के बोरे से बदतर हुआ, शांति का नोबेल

वर्ष 1964 में साहित्य के नोबेल को ठुकराते हुए ज्यां पॉल सात्र ने तो उसे ‘आलू के बोरे’ का दर्जा दिया था, लेकिन छह दशक बाद 2025 में वेनेजुएला की जिन मारिया कोरिना माचाडो को शांति का नोबेल दिया गया…

‘चिप’ का चमत्कार : सेमीकंडक्टर में स्वावलंबी होता भारत

यह विज्ञान का चमत्कार ही है कि आधुनिक जीवन की अधिकांश सुविधाएं एक मामूली-सी ‘सेमीकंडक्टर चिप’ में समाहित हो गई हैं। आज की दुनिया में इसी ‘चिप’ को हासिल करने, बनाने की होड मची है। अपना देश भी इस दिशा…