Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

‘एथेनॉल क्रांति’ : संभावनाओं में छिपे संकट

पश्चिम एशिया के देशों पर अमरीका द्वारा जबरन थोपी गई लडाई के नतीजे में तेल, ईंधन की भारी कमी और देश के सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के उत्साह ने आजकल खाद्य उत्पादनों से ‘एथेनाल’ बनाने और उससे अर्थव्यवस्था चलाने…

‘एल नीनो’ की चपेट में दुनिया

दुनियाभर के वैज्ञानिक, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और समझदार लोग मौसम की जिस मार से प्रलय की आशंकाएं जताते रहे हैं, वह अब हमारे दरवाजों पर दस्तक दे रहा है। कहा जा रहा है कि अगले कुछ साल इंसानी वजूद के…

पवन ऊर्जा : ऊर्जा संकट और जलवायु चुनौती का हरित समाधान

विश्व पवन दिवस पर दुनिया भर में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के रूप में पवन ऊर्जा की महत्ता को रेखांकित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महासागरों में विशाल विंड फार्म स्थापित कर वैश्विक ऊर्जा जरूरतों का…

तेल के बदले एथेनॉल : समाधान जब समस्या बन जाए

पश्चिम एशिया में जारी महासंग्राम ने दुनियाभर में तेल का टोटा खड़ा कर दिया है। ऐसे में एक तरीका खाद्य फसलों के स्टार्च यानि मांड़ से बनाए जाने वाले एथेनाल का अजमाया जा रहा है। क्या होगा, जब पैट्रोलियम की…

कैसी है ‘सुपर एल नीनो’ का सामना करने की हमारी तैयारी?

‘सुपर एल नीनो’ की आहट, कमजोर मानसून का खतरा और इनसे निपटने की देश की आधी-अधूरी तैयारी ने हमारे सामने कुछ बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘कोविड 19’ या हाल के खाड़ी संकट से उपजे हाहाकार को देखें तो…

विज्ञान और अध्यात्म : प्रकृति से प्रेम ही सनातन है

विकास, खासकर भौतिक विकास को हिंसक विनाश में तब्दील कर रहे नीति-निर्धारक, राजनेता और पूंजीपति एक बात में समान हैं। वे सब खुद को धार्मिक, सनातनी कहते-मानते हैं, लेकिन क्या उनका धर्म उन्हें प्रकृति के प्रति प्रेम, सरोकार नहीं सिखाता?…

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘एआई’ : मुकाबले में इंसानी अक्ल

कम्प्यूटर, इंटरनेट के बाद अब हमारे संसार में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ यानि ‘एआई’ का अवतार हुआ है। कहा जा रहा है कि इंसानी वजूद की तमाम-ओ-तमाम हरकतें ‘एआई’ की मार्फत आसानी से हल कर ली जाएंगी। यहां तक कि सोचने-विचारने की…

अपने जैसा ‘एआई’

‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ उर्फ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के कसीदे बांचते हुए हम अक्सर इस मामूली सी बात को भूल जाते हैं कि ‘एआई’ आखिरकार एक व्यक्ति और समाज की तरह हमारा ही प्रतिरूप है। यानि हम उस मशीन में जैसा और जितना…

संवेदनशील विज्ञान से ही जलवायु संकट का समाधान संभव : राजेंद्र सिंह

अहमदाबाद, 19 दिसंबर। प्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह ने कहा है कि अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी और विज्ञान यदि संवेदनशील, अहिंसक और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ें, तभी वैश्विक जलवायु परिवर्तन के संकट का स्थायी समाधान…

विद्युत सुधार : निजीकरण के सौ बहाने

करीब दो दशक पहले ‘टाटाराव कमेटी’ ने घाटे में चल रहे ‘मध्यप्रदेश विद्युत मंडल’ को ‘मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड’ में तब्दील करके दावा किया था कि अब इसके अंतर्गत बनी ‘मध्यक्षेत्र,’ ‘पूर्व क्षेत्र’ और ‘पश्चिम क्षेत्र’ की तीन कंपनियां…