Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

डॉ. ओ.पी. जोशी

मणिपुर : दुर्लभ-फूल उत्सव से शांति सद्भावना का प्रयास

मणिपुर की ऊँची शिरूई पहाड़ियों में खिलने वाला दुर्लभ शिरूई लिली फूल अपनी अनोखी सुंदरता और पारिस्थितिकीय महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लुप्तप्राय श्रेणी में शामिल यह पुष्प राज्य में शांति और सद्भावना का प्रतीक माना जाता है।…

युद्धों में भुलाया जाता पर्यावरण

जीते-जागते इंसानों, सभ्यताओं, प्राणियों और स्व-निर्मित संसाधनों को नेस्तनाबूद करने के अलावा युद्ध पर्यावरण का भी विनाश करते हैं। विडंबना यह है कि पर्यावरण की यह बरबादी सदियों वापस पटरी पर नहीं आ पाती। क्या होता है, यह नुकसान? इसकी…

मौज-मजे के पर्यटन-स्थल बनते तीर्थ

सत्ता, सेठ और समाज में बढ़ी पूंजी की हवस ने अब पवित्र तीर्थों को पैसा कूटने वाले पर्यटन-स्थलों में तब्दील कर दिया है। यह इस हद तक हो रहा है कि तीर्थस्थलों के आसपास के लोगों, पर्यावरण और जीवन तक…

वर्ष 2025 : प्राकृतिक आपदाओं का घटनाक्रम

इंसानी गतिविधियों ने प्रकृति को इस कदर बेचैन कर दिया है कि अब खुद इंसान ही संकट का सामना कर रहा है। विकास की हड़बड़ी में लगातार बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन ने इस बदहाली को और भी बढ़ा दिया है।…

रामध्वज का प्रतीक वृक्ष : कोविदार या कचनार?

राम मंदिर पर स्थापित केसरिया ध्वज ने कोविदार वृक्ष के प्रतीक और उसकी प्राचीन परंपरा को फिर केंद्र में ला दिया है। रघुकुल के ध्वज से जुड़े इस वृक्ष को लेकर कचनार-कोविदार की पहचान, आयुर्वेदिक मतभेद और वैज्ञानिक अध्ययनों ने…

पेड़ों की मां : दीर्घजीवी सालूमरदा थिमक्का

डॉ. ओ. पी. जोशी पेड़ों की मां (मदर ऑफ़ द ट्रीज) के नाम से प्रसिद्ध गरीब एवं अनपढ़ सालूमरदा थिमक्का का 114 वर्ष की आयु में बैंगलूरू के निजी अस्‍पताल में 14 नवंबर 25 को निधन हो गया। उन्‍हें आलामरदा…

दशहरे पर पूजनीय-शमी : विजय, परंपरा और पर्यावरण का अमर प्रतीक

दशहरे पर शमी पूजन की परंपरा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है बल्कि इतिहास, लोकजीवन और पर्यावरणीय महत्व को भी दर्शाती है। राजस्थान में खेजड़ी कहलाने वाला यह वृक्ष रेगिस्तान का राजा माना जाता है, जिसकी छाया, फलियां और…

बेहूदे विकास से उपजे भूकंप 

अभी कुछ दिन पहले अफगानिस्तान और उसके कुछ पहले रूस में आए तीखे भूकंपों की खबरें हमारे अपने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में जानलेवा बाढ़ के मौजूदा हालात इस लिहाज से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं,…

हरियाली अमावस्या : कल्पवृक्ष पूजन मेला

हमारे देश में अलग-अलग पर्वों पर पीपल, बरगद, आंवला, शमी, इमली आदि वृक्षों की पूजा की जाती है, परन्तु राजस्थान के अजमेर के पास गांव मांगलियावास में सावन की हरियाली अमावस्या पर कल्पवृक्षों के जोड़े की पूजा की जाती है।…

 रहन सहन : मोटापा भी एक बीमारी है

सिर्फ भूख ही नहीं, भोजन भी हमें बीमार करता है। असीमित, अस्वास्थ्यकर खान-पान और कथित आधुनिक रहन-सहन हमें लगातार मोटापे की चपेट में फांस रहे हैं। यह बीमारी इस हद तक पहुंच गई है कि खुद देश के प्रधानमंत्री तक…