डॉ. ओ.पी. जोशी

धरती के सच्चे सेवक: ट्री-मेन दरिपल्ली रामैया

दरिपल्ली रामैया का जीवन पर्यावरण संरक्षण की जीवंत मिसाल रहा। उन्होंने अकेले ही एक करोड़ से अधिक पौधे रोपकर बंजर ज़मीनों को हरित बना दिया। बीज जेब में और पौधों का सपना आंखों में लिए वे जीवन भर पेड़ लगाते…

Artificial Intelligence भी बर्बाद कर सकती है, पर्यावरण

मौजूदा दौर में विकास, खासकर तकनीकी विकास भस्मासुर की उस पौराणिक कथा की तरह हो रहा है जिसमें शिव को प्रसन्न करके अमरता का वरदान पाने वाला भस्मासुर तीनों लोकों समेत खुद शिव के लिए संकट बन जाता है। हाल…

संविधान : पर्यावरण के मौलिक अधिकारों से वंचित देशवासी

संविधान ने पर्यावरण को खासी अहमियत दी है, लेकिन उसे अमल में नहीं लाया जाता या आधे-अधूरे मन से लाया जाता है। संविधान में पर्यावरण को लेकर किये गए प्रावधान इस विषय की ओर संवेदनशीलता दर्शाते हैं। संविधान के ऐसे…

जंगल बढ़ेगा तो देश भी बढ़ेगा – तुलसी गौड़ा

पिछले यानी 16 दिसम्बर देश की दो हस्तियां हमसे अलविदा हो गयी एक तो प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन तथा दूसरों जंगलों का विश्वकोष कहीं जाने वाली तुलसी गौड़ा। तुलसी गौड़ा का नाम ही हिन्दुओं के पवित्र एवं पूजनीय…

प्रकाश पर्व पर प्रकाश प्रदूषण भी समझें

दीपावली, नव-वर्ष जैसे अनेक त्यौहार हम भरपूर रोशनी और आतिबाजी के साथ मनाते हैं। लेकिन क्या हमें मालूम है कि जरूरत से ज्यादा रोशनी भी हमें बीमार कर सकती है? बढ़ता प्रकाश प्रदूषण मानव स्वास्थ्य, फीट पतंगों व पक्षियों, पेड़-पौधों…

वायनाड त्रासदी : लालच के चलते लानत झेलते विशेषज्ञ

केरल का वायनाड हो या उत्तराखंड का जोशीमठ, सभी ने पिछले कुछ सालों में भीषण त्रासदियों को भुगता है। विडंबना यह है कि ये त्रासदियां विकास-के-अंधे राजनेताओं, नीति-निर्माताओं और बिल्डर-ठेकेदारों के कॉकस की पहल पर बाकायदा जानते-बूझते रची जा रही…

कौन देगा साफ हवा-पानी की ग्यारंटी !

मौजूदा आम चुनावों में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी ओर से नागरिकों को थोक में तरह-तरह की ग्यारंटी दे रहे हैं, लेकिन किसी का ध्यान जीवन की बुनियादी जरूरत, हवा और पानी की ग्यारंटी की तरफ नहीं है। क्या इन दोनों…

चुनाव में नहीं चुना जाता ‘पर्यावरण’

बहुत अधिक पीछे न जाकर पिछले 11-12 वर्षों में घटी प्रमुख त्रासदियों (केदारनाथ, जोशीमठ एवं सिक्किम) त‍था मौसम की चरम घटनाओं को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि सभी राजनैतिक दल आगामी लोकसभा चुनाव (2024) में पर्यावरण को महत्व दें।…

2023 में चौंतीस बार कांपी है, हिन्दुस्तान की धरती

भू-वैज्ञानिक मानते हैं कि इंडियन पेनिसुला के यूरेशियन प्लेट से टकराने के नतीजे में धरती हिलती-डुलती है और भूकम्प आते हैं। इसके अलावा धरती के भीतर की ऊर्जा के दबाव में भी भूकम्पन होता है, लेकिन इसके प्रभाव-क्षेत्र में इंसानी…

रामायण की ऐतिहासिकता

‘सिया राममय सब जग जानी…’के इस दौर में एक सवाल यदा-कदा उठता रहता है कि रामायण कोई गल्प है या एक सच्ची, ऐतिहासिक गाथा? कुछ विद्वान शोधार्थियों ने इस पर काम किया है। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की स्थापना के…