डॉ. ओ.पी. जोशी

झाडों के झगडे़ से बना झारखंड

देशभर के वन विभागों की बुनियाद मानी जाने वाली ‘वैज्ञानिक वानिकी’ कई बार कितनी असमाजिक, अवैज्ञानिक साबित होती है, यह झारखंड राज्य के निर्माण की इस सच्ची कहानी से समझा जा सकता है। कैसे छोटा-नागपुर इलाके के संथाल, उरांव आदिवासी…

आज भी बरकरार हैं, देवताओं के ‘पवित्र-वन’

वन और वन्य-प्राणियों के संरक्षण-संवर्धन में लगी कथित ‘वैज्ञानिक वानिकी’ के हल्ले में हम अपनी उन परम्पराओं को भूलते जा रहे हैं जिनकी बदौलत हमारे पास आज भी वन और वन्यप्राणी सम्पदा बची हुई है। भारी-भरकम किताबी ज्ञान की टक्कर…

पराली के प्रदूषण को मात देती कुछ तकनीकें

जाडा आते-आते देश की राजधानी और उससे सटे इलाके पराली जलाए जाने से पैदा होते धुंए की तकलीफों से दो-चार होने लगते हैं। जमीन को सांस तक नहीं लेने देती आधुनिक ताबड-तोड़ खेती रबी फसलों की कटाई के तुरंत बाद…

‘आरे जंगल’ की कटाई – पेड़ों का जलियांवाला बाग

मुम्बई में मेट्रो-शेड के लिए जिस हड़बड़ी, कानून और पर्यावरण की अनदेखी के साथ ‘हरित फेफडे़’ माने जाने वाले आरे कॉलोनी के जंगल काटे गए, उसने एक बार फिर मौजूदा विकास की बेहूदी, खाऊ-उडाऊ अवधारणा के साथ यह भी साबित…

कैसे जलते हैं, दुनिया के फेफड़े

दुनियाभर को प्राणवायु यानि ऑक्सीजन मुहैय्या करवाने वाले अमेजान के जंगलों में लगी आग इन दिनों सर्वत्र चर्चा और चिंता का विषय बनी हुई है। अमीर देशों के ‘ग्रुप-7’ और ‘ग्रुप-20’ जैसे वैश्विक मंचों तक को हलाकान करने वाली इस…

बढ़ते हवाई यातायात से बिगड़ता पर्यावरण

एक जमाने में अमीरों के मंहगे परिवहन का सुविधाजनक साधन माना जाने वाला हवाई यातायात अब अनेक शहरों, व्यक्तियों के लिए आम बात हो गया है। जाहिर है, बडे़ पैमाने पर बढ़ते-फैलते हवाई परिवहन ने उसी दर्जे की पर्यावरणीय समस्याएं…