जल, जंगल, जमीन

ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा संपन्न, खनन विस्तार और आदिवासी विस्थापन पर जताई चिंता

नागावी पहाड़/ओडिशा, 3 जून 2026। ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा आज संपन्न हुई। यात्रा के दौरान यह बात सामने आई कि ओडिशा में दुर्लभ खनिज (रेयर मैटेरियल) के नाम पर जिस तरह पहाड़ों की कटाई की योजनाएं बनाई जा रही हैं,…

डॉ. राजेंद्र सिंह की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने उठाए सवाल, सिजीमाली खनन से पर्यावरण और आदिवासी जीवन पर खतरे का दावा

सिजीमाली बॉक्साइट खनन पर व्यापक अध्ययन के बाद जल बिरादरी मीडिया सम्मेलन 2 जून, भवानीपटना, कलाहांडी। प्रसिद्ध जल संरक्षणवादी और मेगसेस अवार्ड से सम्‍मानित डॉ. राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जल बिरादरी फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने हाल ही में…

मणिपुर : दुर्लभ-फूल उत्सव से शांति सद्भावना का प्रयास

मणिपुर की ऊँची शिरूई पहाड़ियों में खिलने वाला दुर्लभ शिरूई लिली फूल अपनी अनोखी सुंदरता और पारिस्थितिकीय महत्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लुप्तप्राय श्रेणी में शामिल यह पुष्प राज्य में शांति और सद्भावना का प्रतीक माना जाता है।…

उत्तराखंड : सरला बहन का बचाया जंगल अंतिम सांसें गिन रहा है

जिस जंगल को महात्मा गांधी की पुत्री मानी जाने वाली सरला बहन उर्फ कैथरीन मैरी हेइलमैन ने बचाया हो उस पर अब फिर से संकट के बादल घिर रहे हैं। वजह है, पूंजी पीटने की हवस में बढ़ाया जा रहा…

पर्यावरण के लिहाज से पहाड़ एवं नदियों को बचाने की आवश्यकता

राष्ट्रीय नदी-पर्वत सम्मेलन में नदियों और पहाड़ों के संरक्षण के लिए अलग और सशक्त कानून बनाने पर जोर झारखंड के जमशेदपुर में 22 व 23 मई को दो दिवसीय राष्ट्रीय नदी-पर्वत सम्मेलन में देशभर से आए पर्यावरणविदों, विधि विशेषज्ञों, सामाजिक…

संवेदना से सुधरेंगे, केदारनाथ यात्रा के संकट

इन दिनों जारी ‘चार धाम यात्रा’ में तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कमी महसूस की जा रही है। क्या इसकी वजह यात्रा के बढ़ते वे खतरे तो नहीं हैं जो सीमा से ज्यादा यात्रियों ने हाल के वर्षों में खड़े…

बिन पानी सब सून . . .

जीवन की अमूल्य जरूरत पानी के प्रति हमारी बेपरवाही ने अब ना तो उसे पर्याप्त मात्रा में छोड़ा है और न ही उसकी शुद्धता बरकरार रखी है। आखिर क्यों हो रही है, पानी के प्रति यह बदसलूकी? कैसे हमारी प्यास…

अरावली की परिभाषा पर सवाल : विरासत बनाम खनन का संघर्ष

अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर उठे सवाल अब राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुके हैं। स्वतः संज्ञान याचिका के तहत यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, जहां 100 मीटर ऊंचाई के आधार पर क्षेत्र सीमित करने पर विवाद…

नदी, नारी और नीर : सनातन विकास की राह

“यह रिवरफ्रंट विकास नदियों की हत्या है, नदियों को नालों में बदल देना है।” यह केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं, बल्कि जल-संरक्षण के क्षेत्र में दशकों से काम कर रहे राजेंद्र सिंह की गहरी पीड़ा और चेतावनी है। वे मानते…

सिजीमाली में दमनकारी कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन की घोर निंदा : गांधीवादी जन संगठन

डॉ. विश्वजीत रायगढ़ा (ओडिशा), 11 अप्रैल। ओडिशा के रायगढ़ा जिले के कंटामाल गाँव में Sijimali Bauxite Mining Project के संदर्भ में 7 अप्रैल की भोर में हुई पुलिस कार्रवाई पर गांधीवादी जन संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे…