Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

प्रेरणा

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और महात्‍मा गांधी

रूस-यूक्रेन, इजरायल-गाजा के बाद अब युद्ध पश्चिम एशिया में केन्द्रित होता दिख रहा है। क्या समूचे, भरे-पूरे, जीवन्त देशों को एक-एक करके समाप्त करने का यह कारनामा कच्चे माल, उसे ‘पकाने’ में लगने वाली जरूरी ऊर्जा और बेचने के लिए…

दुनिया कौन चला रहा है?

आज की दुनिया में जिस असीमत उपभोग पर टिकी जीवन-दृष्टि का सम्राज्य कायम है, उसमें हिंसक युद्ध, जहरीला भेदभाव और गैर-बराबरी मामूली पड़ाव भर हैं। खाड़ी देशों, खासकर ईरान के खिलाफ अमरीकी-इजरायली हवस के चलते फांदे गए भीषण युद्ध, अमानवीय,…

सामयिक : अपने-अपने ‘एपस्टीन’

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’ ने साबित कर दिया है कि असीमत पूंजी इंसान की अंतर्निहित गंदगी को कई-कई गुना बढ़ाती, उजागर करती है। कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी उठा-पटक और दुनिया…

सामयिक : ऐसे नहीं चलते देश !

आसपास के सभी पड़ौसी देशों के साथ तनाव हमें कैसी वैश्विक परिस्थितियों में ले जा रहा है? और क्या यह बढ़ता तनाव हमारी बचकानी हरकतों के चलते नहीं बन रहा है? प्रस्तुत है, हाल में बांग्लादेश के एक क्रिकेट खिलाड़ी…

गांधी का ‘हिंद स्वराज’ : उथल-पुथल में उपयोगी

दुनिया के अधिकांश देशों में मची भीषण उथल-पुथल आमतौर पर लोकतंत्र के हवाले से की जा रही है। ऐसे में गांधी होते तो क्या कहते/करते? इंग्लेंड-अफ्रीका की अपनी जहाज-यात्रा में 116 साल पहले लिखी पुस्तिका ‘हिंद स्वराज’ में उन्होंने मौजूदा…

भारतीय अर्थव्यवस्था : जादूगर का अर्थशास्त्र

‘नमस्ते ट्रंप,’ ‘अबकी बार, ट्रंप सरकार’ और ‘माई फ्रेंड डोनॉल्ड’ की गलबहियों से छिटककर ‘लाल आंखें’ दिखाने वाले चीन और रूस की चापलूसी आखिर उसी अर्थ-नीति की देन है जो हमारे आम, गरीब-गुरबों को आए दिन रुलाती रहती है। क्या…

अंतर्राष्‍ट्रीय : अब की बार ट्रंप का वार

इस हफ्ते भारत से अमरीका को निर्यात होने वाले सामानों पर ‘टैरिफ’ के नाम से लगाए गए भारी-भरकम शुल्कों ने हमें बदहवास कर दिया है। नतीजे में हमारी विदेश नीति तरह-तरह के कौतुक दिखा रही है, लेकिन क्या इस गफलत…

भारत-अमेरिका : किसके हाथ में है, ‘ट्रम्प कार्ड’ ! 

डेढ-पौने दो महीने पहले अमेरिका ने अपने लिए जिस राष्ट्रपति का चुनाव किया था वह डोनॉल्ड ट्रम्प तेजी से समूची दुनिया को हलाकान करने में लगा है। उसने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानि ‘मागा’ के बहाने हाल के बरसों की…

वित्‍तीय संसार : सेठ की साथी सरकार

अमेरिका के ‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ (एफबीआई) द्वारा अडाणी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने अव्वल तो सरकार और सेठ के सर्वज्ञात निकट संबंधों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। दूसरा और सर्वाधिक शर्मनाक खुलासा देश की…

सिने-संसार : सिनेमा का असहनीय सच

उत्तर भारत में अहर्निष जारी राजनीतिक कौतुकों और उसके अलावा बाकी संसार से पीठ-फेरे पड़े मीडिया के बरक्स यह जानना चौंकाता है कि सुदूर केरल के सिने-संसार में आजकल भारी बवाल मचा है। वहां चार साल बाद अभी हाल में…