Year: 2026

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’

समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके…

पर्यावरण संरक्षण : केवल पौधारोपण नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान करता है। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपभोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास…

World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण पर टिका है भविष्य

पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित…

क्या रहने लायक बचे हैं, हमारे शहर ?

चालीस-पेंतालीस डिग्री सेल्सियस की चपेट में आए भारत, खासकर उत्तर भारत में अब आमफहम जीवन भी कठिन-से-कठिनतर होता जा रहा है। खुद के बनाए विकास के तौर-तरीकों से पैदा हो रहे ऐसे हालातों से आखिर कैसे निपटा जाए? इसी पर…

लक्ष्मी आश्रम की गांधीवादी कर्मयोगिनी कांति भट्ट ‘ओदी’ नहीं रहीं

90 वर्ष की आयु में हृदयाघात से निधन, अंतिम समय तक आश्रम की जिम्मेदारियां निभाती रहीं कौसानी, 4 जून। लक्ष्मी आश्रम, कौसानी (उत्‍तराखंड) की वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं गांधीवादी रचनात्मक परंपरा की महत्वपूर्ण हस्ती कांति भट्ट ‘ओदी’ का बुधवार को हृदयाघात…

ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा संपन्न, खनन विस्तार और आदिवासी विस्थापन पर जताई चिंता

नागावी पहाड़/ओडिशा, 3 जून 2026। ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा आज संपन्न हुई। यात्रा के दौरान यह बात सामने आई कि ओडिशा में दुर्लभ खनिज (रेयर मैटेरियल) के नाम पर जिस तरह पहाड़ों की कटाई की योजनाएं बनाई जा रही हैं,…

कैसे रोकें, राजस्थान के फैलते मरूस्थल को?

आधुनिक विकास के धतकरमों ने जिस तरह के संकट खड़े किए हैं, उनका निदान अब वापस पुरानी पारंपरिक पद्धतियों में ही दिखाई दे रहा है। मसलन, राजस्थान में फैलते मरुस्थलों को स्थानीय तौर-तरीकों, वनस्पतियों, झाड़-झंखाडों आदि से ही रोका जा…

पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा दे सकती है कार्बन फुटप्रिंट लेबलिंग: पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी

नई दिल्ली, 2 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) तथा हिमालयन एनवायरनमेंटल स्टडीज़ एंड कंज़र्वेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (हेस्को) के संयुक्त तत्वावधान में ‘कार्बन फुटप्रिंट’ विषय पर एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पर्यावरणविदों,…

World Bicycle Day : जीवन के लिए जरूरी साइकिल  का साथ

तेज, आरामदायक और सुरक्षित सफर की खातिर दुनियाभर में स्वचालित, जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों पर जोर दिया गया था, लेकिन करीब आधी सदी होते-होते तेजी, आराम और सुरक्षा को छोडिए, उलटे पर्यावरण का बंटाढ़ार करते हुए दुनिया को…

डॉ. राजेंद्र सिंह की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने उठाए सवाल, सिजीमाली खनन से पर्यावरण और आदिवासी जीवन पर खतरे का दावा

सिजीमाली बॉक्साइट खनन पर व्यापक अध्ययन के बाद जल बिरादरी मीडिया सम्मेलन 2 जून, भवानीपटना, कलाहांडी। प्रसिद्ध जल संरक्षणवादी और मेगसेस अवार्ड से सम्‍मानित डॉ. राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जल बिरादरी फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने हाल ही में…