Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

प्रसून लतांत

गांधीवादी मूल्यों और विचारों को साकार करने में राधाकृष्ण जी के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता

केएस राधाकृष्ण जन्म शताब्दी समारोह राधाकृष्णजी एक समर्पित गांधीवादी थे, जिन्होंने उदार विचारों वाले लोगों को परस्पर मिलाकर हर काम को आसान बनाया। वे महान विचारक और दूरदर्शी व्यक्ति थे। वे सभी तरह की समस्याओं का समाधान गांधीवादी नजरिए से खोजते थे और अपने…

साफ सुथरे समाज के लिए समर्पित अनुपम जीवन के पैरोकार

अनुपम मिश्र अपने देश की प्रकृति, धरोहर, जीवन और लोक ज्ञान के अनूठे पैरोकार थे। वे अपने जीवन और लेखन के कारण गांधीवादी, पर्यावरणविद और श्रेष्ठ गद्य लेखक के रूप में शुमार किए जा रहे हैं। अड़सठ साल का सफर…

प्रतिमा और पूजा-पाठ तक सीमित गांधी

हमारे समाज की चालाकी है कि वह अपना मार्ग-दर्शन और समीक्षा करने वालों का,भगवानजी से लगाकर महापुरुष तक के दर्जे का महिमामंडन करके, किनारे कर देता है। अपने जीवन को अपना संदेश बताने वाले महात्मा गांधी भी इस कारनामे की…

कोरोना की संभावित तीसरी लहर

कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी के अब तीसरे दौर की बातें होने लगी हैं, लेकिन पहले और दूसरे की तरह इस तीसरे दौर के लिए भी तैयारी नहीं दिखती। यदि कोविड-19 के तीसरे दौर को रोकना हो तो क्या…

श्रम की प्रतिष्ठा के लिए काम के बदले अनाज

ग्रामीण बेरोजगारी के संकट के इस दौर में देश के ख्‍यात सामाजिक संगठन ‘एकता परिषद’ ने एक अभिनव प्रयोग किया है। काम के बदले अनाज की पारम्परिक पद्धति में श्रम की प्रतिष्ठा जोडकर ‘एकता परिषद’ ने ग्रामीणों को अपने इलाके…

सुब्बरावजी शिक्षक की तरह हैं, हम उनकी जीवनशैली देखकर कुछ सीख सकते हैं

डॉ. एस. एन. सुब्बराव पर केन्द्रित वेबीनार श्रृंखला में राजगोपाल पीवी मौजूदा दौर में कुछ लोगों में से भाई जी यानी डॉ. एस. एन. सुब्बराव एक हैं, जिन्होंने गांधीजी को देखा और उनके आंदोलन में भाग लिया। भाई जी ने…

गांव, गरीब और पेड़ के लिए सत्याग्रह

पांच जून को गांधी विचार को मानने वाले देशभर के अनेक लोगों ने दो अक्‍टूबर, गांधी जयन्‍ती और ‘विश्‍व अहिंसा दिवस’ तक चलने वाले एक-एक दिन के उपवास की शुरुआत की थी। यह उपवास श्रमिकों, किसानों, ग्रामीण-अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को…