Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Month: June 2026

भारत की भाषाई विविधता विश्व में अद्वितीय, आज भी 1,150 से अधिक भाषाएँ जीवित : डॉ. गणेश देवी

भाषाओं को धर्म से जोड़ना सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल, भारतीय भाषाओं का दस्तावेजीकरण अंतिम चरण में रिपोर्ट : कुमार सिद्धार्थ भोपाल, 30 जून। प्रख्यात भाषाविद् एवं साहित्यकार डॉ. गणेश देवी ने कहा कि भारत आज भी दुनिया के सबसे समृद्ध…

30 जून  :  अन्याय के संगठित लड़ाई का‌ मार्ग दिखाता है हूल आंदोलन

30 जून 1855 को संथालों ने केवल अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध हथियार नहीं उठाए, बल्कि जल, जंगल और जमीन पर अपने अधिकार की ऐतिहासिक घोषणा भी की। 171 वर्ष बाद भी ‘हूल’ केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि विस्थापन, संसाधनों…

‘नागरिकों’ को ‘शरणार्थियों’ में बदलने का षड्यंत्र तो नहीं ?

क्या किसी नागरिक की पहचान उसके जीवन, समाज और इतिहास से तय होगी या केवल सरकारी अभिलेखों से? वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल का मामला इस प्रश्न को नई गंभीरता से सामने लाता है। जब पासपोर्ट, आधार और मतदाता पहचान पत्र…

सिकुड़ते जंगल, बढ़ता भय — विकास की कीमत कौन चुकाएगा?

जंगल सिमट रहे हैं और वन्यजीव गांवों की ओर बढ़ रहे हैं। खेतों में हाथी, बस्तियों में तेंदुए और गांवों की चौखट तक पहुंचते बाघ केवल वन्यजीव संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि असंतुलित विकास की चेतावनी हैं। सवाल यह नहीं…

आंकड़ों से भविष्य गढ़ने का विज्ञान है सांख्यिकी

आंकड़े केवल संख्याएं नहीं होते, वे समाज की वास्तविक तस्वीर और भविष्य की दिशा भी बताते हैं। सरकारों की योजनाओं से लेकर मौसम की चेतावनी, जनगणना, रोजगार और आर्थिक विकास तक हर महत्वपूर्ण निर्णय सांख्यिकी पर आधारित होता है। राष्ट्रीय…

भोपाल में भाषाओं के भविष्य पर होगा मंथन, प्रख्यात भाषाविद् जीएन डेवी देंगे व्याख्यान

भोपाल, 28 जून। भारत की भाषाई विविधता, विलुप्त होती बोलियों और मातृभाषाओं के भविष्य पर देश के सबसे प्रतिष्ठित भाषा-चिंतकों में से एक प्रो. जीएन डेवी 30 जून को भोपाल में व्याख्यान देंगे। ‘हम सब’ और गांधी भवन के संयुक्त…

अमरनाथ झा : पत्रकारिता से नदी-पानी के जनसरोकार तक की अविस्मरणीय यात्रा

कुछ लोग अपने जाने के बाद भी स्मृतियों से नहीं, अपने विचारों और कर्मों से जीवित रहते हैं। वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ झा ऐसे ही विरल व्यक्तित्व थे, जिन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज, नदी, जल, जंगल और मनुष्य…

बिहार : खेती पर बढ़ते संकट के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान

स्वामी सहजानंद सरस्वती के 77वें महाप्रयाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा, सीतामढ़ी में ‘खेती के खतरे’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के जिलाध्यक्ष जलंधर यदुवंशी ने…

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों की हुंकार : चंडीगढ़ में बना ‘संयुक्त मोर्चे’ का नया स्वरूप

देश की कृषि और आर्थिक संप्रभुता को लेकर मंडराते खतरों के बीच, 25 जून को चंडीगढ़ का किसान भवन एक ऐतिहासिक बैठक का गवाह बना। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में देश भर के किसान,…

जल स्वराज : संपूर्ण क्रांति की नई पहचान

संपूर्ण क्रांति की असली कहानी सत्ता परिवर्तन से आगे शुरू होती है। यह उन लोगों की कहानी है जिन्होंने आंदोलन की चेतना को जीवन का संकल्प बनाया और जल, जंगल, जमीन, ग्राम स्वराज तथा सामाजिक पुनर्निर्माण के माध्यम से बदलाव…