सब मज़ेदारी है ! कथा नीलगढ़’: विकास और समाज का आईना
क्या शिक्षा केवल स्कूल और पाठ्यपुस्तकों तक सीमित है, या वह जीवन, समाज और मानवीय संबंधों को समझने का भी माध्यम है? ‘सब मज़ेदारी है! कथा नीलगढ़’ इसी सवाल की गहरी पड़ताल करती है। आदिवासी जीवन के बीच किए गए…
ईरान युद्ध के बहाने वर्साई की याद !
ईरान युद्ध और उसके बाद हुए युद्धविराम ने एक बार फिर इतिहास के पन्ने खोल दिए हैं। प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति का साक्षी रहा फ्रांस का वर्साई आज भी युद्ध और शांति के बीच खड़ी मानव सभ्यता की याद दिलाता…
देश धंसेगा सबके यत्नों से . . .
कहा जा रहा है कि संवैधानिक बदलाव के लिए 850 सदस्यों वाली संसद बनाने की जुगत में सत्ताधारी भाजपा देशभर की राजनीतिक जमातों को ललचाकर, धमकाकर, डराकर विखंडित करने में लगी है। मीनाक्षी नटराजन के प्रकरण को देखें तो इस…
विकास : जहरीली होती जमीन
आधुनिक विकास के तमाम-ओ-तमाम खटरागों की तरह हमारे यहां खेती भी दिनों-दिन बदहाल होती जा रही है। कमाल यह है कि इस बदहाली को समाज, सरकार और सेठ की हैसियत के नागरिक विकास मानते और जपते रहते हैं। सवाल यह…
पवन ऊर्जा : ऊर्जा संकट और जलवायु चुनौती का हरित समाधान
विश्व पवन दिवस पर दुनिया भर में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के रूप में पवन ऊर्जा की महत्ता को रेखांकित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महासागरों में विशाल विंड फार्म स्थापित कर वैश्विक ऊर्जा जरूरतों का…
स्वैच्छिक रक्तदाता ही हैं अनगिनत जिंदगियों की उम्मीद
जीवनदायी रक्त की महत्ता के मद्देनजर लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से 14 जून 1868 को जन्मे कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिवस पर 14 जून 2004 को रक्तदाता दिवस की शुरूआत की गई थी और तब…
तेल के बदले एथेनॉल : समाधान जब समस्या बन जाए
पश्चिम एशिया में जारी महासंग्राम ने दुनियाभर में तेल का टोटा खड़ा कर दिया है। ऐसे में एक तरीका खाद्य फसलों के स्टार्च यानि मांड़ से बनाए जाने वाले एथेनाल का अजमाया जा रहा है। क्या होगा, जब पैट्रोलियम की…
कड़े कानूनों के बावजूद क्यों नहीं थम रहा बच्चों का शोषण ?
देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और संवैधानिक प्रावधान मौजूद हैं, फिर भी बाल मजदूरी, तस्करी, यौन शोषण और बच्चों के लापता होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और मानवाधिकार…
‘अर्बन हीट आइलैंड’ से निपटने की ‘मियावाकी’ तकनीक
मौजूदा विकास का तौर-तरीका कुछ ऐसा है कि सीमेंट के घने जंगलों में तब्दील होते हमारे शहर अब ‘अर्बन हीट आइलैंड’ यानि गर्मी के शहरी टापू बनते जा रहे हैं। ऐसे में जापानी वनस्पति-शास्त्री अकीरा मियावाकी की बताई तकनीक एक…
विशाखापत्तनम और सूरत हादसों ने उठाए श्रमिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल
जेएसए इंडिया ने स्वतंत्र जांच, जवाबदेही और कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की भोपाल 9 जून। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में 8 श्रमिकों तथा गुजरात के सूरत में 4 श्रमिकों की दुखद मृत्यु पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (जेएसए इंडिया) ने…









