खतरे में आदिवासियों का अस्तित्व
अभी, चार-साढ़े चार सौ साल पहले तक देश के कई इलाकों में राज करने वाले आदिवासी आज ‘अनुसूचित जनजाति’ के सरकारी खांचे में कैसे सिमट गए हैं? क्या उन्हें कोशिश करके कमजोर बनाया गया है? क्या हमारे देश के नियम-कानून…
सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक
अभी, चार-साढ़े चार सौ साल पहले तक देश के कई इलाकों में राज करने वाले आदिवासी आज ‘अनुसूचित जनजाति’ के सरकारी खांचे में कैसे सिमट गए हैं? क्या उन्हें कोशिश करके कमजोर बनाया गया है? क्या हमारे देश के नियम-कानून…