Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

आदिवासी समाज

Manipur की घटना बहशीपन, नृशंसता और हैवानियत की पराकाष्ठा; मुख्यमंत्री का वक्तव्य शर्मनाक

सर्व सेवा संघ ने की मणिपुर की जनता से शांति एवं सहिष्णुता की अपील सेवाग्राम, 21 जुलाई । सर्व सेवा संघ (अखिल भारत सर्वोदय मंडल) के प्रबंधक ट्रस्टी महादेव विद्रोही ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि Manipur मणिपुर पिछले कई…

आदिवासियों पर हो रहे हमले के खिलाफ बड़वानी के हजारों आदिवासी हुए लामबंद

माधुरी कृष्णस्वामी पर जिला बदल की कार्रवाई अन्यायपूर्ण : नर्मदा बचाओ आंदोलन बडवानी, 20 जुलाई। बुधवार को बड़वानी में आदिवासियों के बीच कार्यरत जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में हजारों आदिवासी महिला एवं पुरुषों ने संगठन सहयोगी सामाजिक कार्यकर्ता…

आदिवासियों की जागरूकता से क्‍यों बौखला रही है सरकार : माधुरी बहन

वन कटाई और अत्याचार के खिलाफ आदिवासियों के हित में लड़ने वाली सामाजिक कार्यकर्ता माधुरी बहन को किया जिला बदर BURHANPUR, 8 जुलाई। शु्क्रवार को जिला कलेक्टर, बुरहानपुर द्वारा जागृत आदिवासी दलित संगठन की प्रमुख एवं ख्‍याननाम सामाजिक कार्यकर्त्‍ता माधुरी…

वन के व्यापार में बेदखल होते आदिवासी Tribals

अपने तरह-तरह के जैविक, सामाजिक और प्राकृतिक उपयोगों के आलावा आजकल जंगल व्यापार-धंधे में भी भारी मुनाफा कूटने के काम आ रहे हैं। इसमें सेठों, सरकारों की बढ़-चढ़कर भागीदारी हो रही है। कैसे किया जाता है, यह कारनामा? और क्या…

अनुभव से आई एक किताब : ‘सभ्यता का संकट बनाम आदिवासियत’

झारखंड के मधुपुर इलाके में बरसों से गैर-दलीय राजनीतिक-सामाजिक कार्य में लगे घनश्याम ने हाल में अपने करीब आधी सदी के अनुभवों पर एक किताब लिखी है। जाहिर है, इसमें तरह-तरह के खट्टे-मीठे अनुभवों, विपरीत परिस्थितियों के साथ-साथ कठिन समय…

झारखंड : खनिज की खातिर खत्म होती खेती

किसानों, आदिवासियों और खेती से जुडे अनेक लोगों के लिए आजकल विकास का मतलब उनके प्राकृतिक संसाधनों, खासकर जमीन की लूट हो गया है। आदिवासी राज्य झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। झारखंड के एक इलाके में जमीन की मारामार…

आदिवासियों पर आधारित विकास : सच्ची खेती, सच्चा बचपन और सच्चा लोकतंत्र

स्थानीय ज्ञान, पडौस के संसाधन और समाज की देसी बनक के आधार पर विकास योजनाओं को रचा जाए तो नतीजा क्या, कैसा हो सकता है? इसे जानने के लिए भील आदिवासियों की ‘वागधारा’ जैसी संस्थाओं के काम पर नजर डालना…

‘‘पंच ज’’ के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका पर सम्मेलन संपन्न

5 जून को भोपाल में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन होगा भोपाल, 28 मार्च। एकता परिषद सहित विभिन्न जनसंगठनों ने आज भोपाल में ‘‘पंच ज’’-जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर-के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका विषय को लेकर प्रदेश भर के आदिवासियों के साथ…

वनाधिकार व पेसा के प्रभावी क्रियान्‍वयन की मांग के साथ जंगल सत्याग्रह का समापन

अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने का माडल छत्‍तीसगढ़ सरकार पेश करे- राजगोपाल पी. व्ही. धमतरी। पूरे प्रदेश से आये आदिवासियों ने वनाधिकार, पेसा और पोषण सुरक्षा की प्रमुख मांगों के साथ जंगल सत्याग्रह के सौंवे वर्ष पर आयोजित जनसभा का…

पातालकोट के ‘पीवीटीजी’ : भारिया के बहाने आदिवासी विमर्श

चाहे विधानसभाओं, संसद के चुनाव हों या जगह-जगह जारी समाजसेवा,नक्सलवाद हो या मौजूदा विकास की परियोजनाएं,आदिवासियों के बिना किसी की कोई दाल नहीं गलती। दूसरी तरफ,वे ही आदिवासी सर्वाधिक बदहाली भी भोगते हैं। देशभर में करीब आठ फीसदी आबादी वाली…