Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

आदिवासी समाज

स्‍मरण : अन्न परंपरा के लिए जूझ रहा था – देबजीत सरंगी

आज के खाऊ-उडाऊ विकास के सामने कई लोग अपनी परम्पराओं, पद्धतियों को लेकर निष्ठा से डटे हैं। उनमें से एक देबजीत सरंगी भी थे। पिछली मई में करीब 54 साल की उम्र में उनका सदा के लिए विदा होना दुखद…

विधानसभा चुनाव : झारखंड में झूलता ‘पेसा कानून’

हाल में घोषित झारखंड विधानसभा चुनावों की 13 और 20 नवंबर की तारीखों ने अब तक कछुआ चाल से ठुमक रहे ‘पेसा कानून’ को फिर से हवा दे दी है। करीब तीन दशक पहले संसद में पारित आदिवासियों के लिए…

संरक्षित जंगलों में असुरक्षित आदिवासी

पिछले कुछ सालों से आदिवासियों, वन-निवासियों की एकजुटता, संघर्ष और लगातार बढ़ती ताकत के चलते उनके हित में अनेक कानून बने हैं, सरकारें भी उन्हें संरक्षण देने की घोषणाएं करती रहती हैं, लेकिन क्या सचमुच इन प्रयासों से आदिवासियों का…

नदियों और नदी घाटी समाजों के अधिकारों की सुरक्षा को चुनावी एजेंडे में शामिल किया जाये

देश-भर के आंदोलनों ने की मांग देश के अलग अलग भौगोलिक क्षेत्रों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के  राष्ट्रीय नदी घाटी मंच द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य सरकारों की विकास संबंधित…

खतरे में आदिवासियों का अस्तित्व

अभी, चार-साढ़े चार सौ साल पहले तक देश के कई इलाकों में राज करने वाले आदिवासी आज ‘अनुसूचित जनजाति’ के सरकारी खांचे में कैसे सिमट गए हैं? क्या उन्हें कोशिश करके कमजोर बनाया गया है? क्या हमारे देश के नियम-कानून…

भारत में घुमंतूजन जातियों को संवैधानिक संरक्षण देने की पहल

भारत में घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और गैर-अधिसूचित जनजातियों के संरक्षण और भविष्य की योजनाओँ पर विचार विमर्श की प्रक्रिया चल रही है। गैर-अधिसूचित जनजातियों, घुमंतू जनजातियों और अर्ध-घुमंतू जनजातियों को भी गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। ऐसे समुदायों के…

Tribal : जंगल बचा रहे अलीराजपुर के आदिवासी

आजादी के पचहत्तार साल में वन अधिकार पर अब जाकर कुछ बातें हो रही हैं और परंपरागत वनवासियों को कहीं-कहीं पट्टे दिए भी जा रहे हैं, लेकिन कुछ आदिवासी इलाके ऐसे हैं जहां जंगल को बचाने का विवेक और तकनीक…

ओडिशा में प्राकृतिक संसाधनों की कॉर्पोरेट लूट व दमन खत्म करने हेतु मुख्‍यमंत्री को लिखा पत्र

नियामगिरी सुरक्षा समिति के आदिवासी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ़ यू.ए.पी.ए – एफ.आई.आर और बेबुनियाद आरोप खारिज करने की मांग   मुंबई, 22 अगस्‍त। देशभर के 20 राष्ट्रीय नेटवर्क / संगठनों, 40 जन संगठनों और 350 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं,…

वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक 2023 : वनों के बिगाड़ के लिए बदल रहा कानून

करीब सवा चार दशक पहले, जब पर्यावरण दुनिया के सामने एक आसन्न संकट की तरह उभर रहा था, भारत में ‘वन (संरक्षण) अधिनियम-1980’ बनाया गया था। अब विकास की बगटूट भागती अंधी दौड़ के सामने पर्यावरण ओझल होता जा रहा…

देश के 3200 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से की मणिपुर का दौरा करने और प्रताड़ित कुकी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की अपील

जवाबदेही सुनिश्चित करने और हिंसाग्रस्त राज्य में शांति और न्याय की बहाली सुनिश्चित करने का अनुरोध 23 जुलाई, 2023। जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (NAPM) समेत देश भर के सैकड़ों आंदोलनों और संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हुए करीब 3,200 से…