Latest post

प्रशांत भूषण और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना

ख्‍यात वकील प्रशांत भूषण पर सुप्रीमकोर्ट द्वारा ‘सुओ मोटो’ यानि अपनी पहल पर अवमानना का प्रकरण दर्ज करने और उस पर सुनवाई करके उन्‍हें दोषी करार देने ने देशभर में बवाल खडा कर दिया है। इसमें एक तरफ आजादी के…

लोकतंत्र में सन्नाटा या चुप्पी लोक की अवमानना

सरकारें जब असरकारी काम नहीं कर पाती तो लोगों को चुप्पी तोड़ बोलना होता है। लोगों की आवाज व्यवस्था तंत्र को असरकारी बनाने में मदद करती है। अभिव्यक्ति की आजादी मानसिक गुलामी को खत्म कर लोक चेतना का विस्तार करती…

ग्राहकों का बैंकों के प्रति टूटता भरोसा

बढ़ते बैंक चार्जेस के कारण ग्राहकों के लिए बैंकों में अपना पैसा रखना मुश्किल होता जा रहा है। इस तरह की बैंकिंग प्रणाली से उनका भरोसा उठता जा रहा है। इन शुल्कों का भुगतान करने के बजाए ग्राहक अपनी मेहनत…

समाचार

लक्ष्मण सिंह सर्व सेवा संघ के नये महामंत्री, दो अन्‍य मंत्रियों की नियुक्ति

सेवाग्राम : सर्व सेवा संघ (अ.भा.सर्वोदय मंडल) के अध्यक्ष महादेव विद्रोही ने अभिभाषक लक्ष्मण सिंह,फर्रुखाबाद (उ.प्र.) को सर्व सेवा संघ का महामंत्री नियुक्त किया है। वर्तमान में लक्ष्मण सिंह उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने सार्वजनिक महत्व के अनेक मुद्दों जैसे भूमिहीनों में भूमि का आवंटन, गन्ना…

स्वराज नहीं है, अंग्रेजी राज की समाप्ति

अगस्‍त ’47 में मिली आजादी ने क्‍या सचमुच हमें आजाद कर दिया था? क्‍या हम अपनी जरूरतों, संसाधनों और क्षमताओं के हिसाब से अपना विकास कर पाने के लिए स्‍वतंत्र हुए थे? और यदि यह हुआ था तो फिर हमारी…

प्रदूषण-मुक्ति में उपयोगी है, डीजल से पैट्रोल की बराबरी

कई बार ‘फिसल’ पड़ने से भी ‘गंगा-स्‍नान’ हो जाता है। कुछ ऐसा ही डीजल की कीमतों के पैट्रोल की कीमतों से बराबरी करने से भी हुआ है। प्रदूषण के एक बडे कारण डीजल वाहन अब घटकर पैट्रोल वाहनों से मुकाबला…

‘गांधी-150’ : अपनी अप्रासंगिकता का पड़ाव

आज, महात्‍मा गांधी को विदा हुए सात दशकों बाद, कोई यदि उन्‍हें समझना, आत्‍मसात करना और जीवन में उतारना चाहे तो क्‍या करे? गांधी को साक्षात देखने और साथ काम करने वाले संगी-साथी और उनकी बनाई संस्‍थाएं अब नकारा हो…

प्रशांत भूषण को सजा मिलनी ही चाहिए और वे स्वीकार भी करें !

प्रशांत भूषण द्वारा स्वीकार की जाने वाली सजा लोगों के मन से सविनय प्रतिकार के फलस्वरूप प्राप्त हो सकने वाले दंडात्मक पुरस्कार के प्रति भय को ही कम करेगी। जैसे महामारी पर नियंत्रण के लिए उसके संक्रमण की चैन को…

महात्मा गांधी की ट्रस्‍टीशिप की संकल्पना समाज को नए विकासात्मक दिशा में ले जा सकती है

महात्मा गांधी शोधपीठ में गांधीवादी दर्शन के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक आयामों पर वक्‍ताओं के उद्गार इंदौर,  22 अगस्‍त। वर्तमान समय में अगर हमें महात्मा गांधी के दर्शन को जीवित रखना है तो हमें उनके विचारों एवं मूल्यों की प्रासंगिकता…

चम्बल घाटी में बागियों के समर्पण से विनोबा जी का हृदय परिवर्तन हुआ

22 अगस्‍त को आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में साधिका सुश्री गंगा बहन इतिहास स्वयं को हिंसा के रूप में नहीं दोहराता है बल्कि उसका दर्शन अहिंसा में भी होता है। चंबल घाटी…