पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित…
आज के दौर का मीडिया, खासकर ‘सोशल मीडिया’ अपने द्वारा परोसी गई सूचनाओं से नागरिकों को जागरूक बनाए रखने की बुनियादी जिम्मेदारी से कहीं आगे बढ़ चुका है। उसकी इस ‘प्रगति’ ने जहां एक ओर नागरिकों को अपने आसपास की…
लगभग आठ दशकों की आजादी के बाद हम कहां, कैसे और किन हालातों में पहुंचे हैं? यदि कोई कभी इन सवालों के जवाब जानना चाहे तो उसे उन सपनों को खंगालना पड़ेगा जो हमने अपनी आजादी के बरक्स बुने थे।…
किसी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर आम लोगों का ध्यान आकर्षित करने की गरज से ‘दिवस’ घोषित किए जाते हैं। करीब तेरह साल पहले 21 मार्च को इसीलिए ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ ने ‘विश्व वानिकी दिवस’ घोषित किया था। अब…
गोबर से बने कन्डों से होली जलाने के लिए सामाजिक स्तर पर जनचेतना अभियान चलाया जा रहा है। गाय के गोबर के कन्डों के बढ़ते उपयोग से गोशालाओं और गोपालकों को अतिरिक्त आय होगी इस आय से गोशाला प्रबंधन और…
हिंदी साहित्य की प्रगतिशील विचारधारा के शीर्षस्थ कवि डॉ.शिवमंगल सिंह सुमन के अवसान को दो दशक हो रहे हैं। महाकाल के महिमामय उद्यान के प्रमुख सुमन की सुरभि से कभी उज्जैनी का कण-कण सुवासित होता था। शहर का कोई भी…
सुंदरलाल बहुगुणा का नाम भारत और विदेशों में वन संरक्षण और पर्यावरण संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक बन गया। पश्चिमी घाट क्षेत्र के वनों को बचाने के लिए शुरू किए गए अप्पिको आंदोलन के वे एक महत्वपूर्ण प्रेरणा स्रोत थे।…
भारत में जलकुंभी के कारण जल स्रोतों को होने वाले संकट के कारण इसे ‘बंगाल का आतंक’ भी कहा जाता है। यह एकबीजपत्री, जलीय पौधा है, जो ठहरे हुए पानी में काफी तेज़ी से फैलता है और पानी से ऑक्सीजन…
बहुत सीमित संसाधनों में भी जीवन निर्वाह हो सकता है, यह भाई जी से सीखा जा सकता है। दो खादी के झोलों में दो जोड़ कपड़े, एक टाइपराइटर, डायरी, कुछ किताबें, कागज और पोस्टकार्ड यही उनका घर था। हमेशा हाफ…
‘गणतंत्र दिवस’ की 26 जनवरी 71 साल पहले हमें अपने संविधान को अंगीकार करने की याद तो दिलाती ही है, साथ ही एक नागरिक की हैसियत से हमें अपने कर्तव्यों का बोध भी कराती है। इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक…