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धरती पर भरपूर नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन, हर इंसान की ऊर्जा ज़रूरत हो सकती है पूरी

दुनिया के पास अपनी ऊर्जा मांग की ज़रुरत से काफ़ी ज़्यादा मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन मौजूद हैं। इन संसाधनों का सही से प्रयोग हो तो विश्व के प्रत्येक व्यक्ति की ऊर्जा मांगों को पूरा किया किया जा सकता है।…

‘राष्ट्र के नाम’ संदेश बनाम ‘राष्ट्र का’ संदेश

नायक कई मर्तबा यह समझने की ग़लती कर बैठते हैं कि जनता तो उन्हें खूब चाहती है, सिर्फ़ मुट्ठी भर लोग ही उनके ख़िलाफ़ षड्यंत्र में लगे रहते हैं यानी शासक के हरेक फ़ैसले में सिर्फ़ नुस्ख ही तलाशते रहते…

ग्लोबल वार्मिंग के कारण वर्ष 2100 में भारत की जीडीपी 10 प्रतिशत तक गिर सकती है

जलवायु परिवर्तन भारत और अन्य विकासशील देशों के लिए कितना घातक साबित हो सकता है उसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि  पिछले एक दशक में भारत में बाढ़ से 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक क्षति हुई, जो…

जलवायु समझौते के बावजूद नहीं थम रही कोयले की चाहत

दोगुने से ज्‍यादा हुआ है ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया का ‘स्कोप 3’ उत्सर्जन आप जब यह रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, उस वक़्त दुनिया भर के कोयला उत्पादक सक्रिय रूप से 2.2 बिलियन टन प्रति वर्ष की दर से नई खदान परियोजनाओं पर काम…

स्वास्थ्य आपातकाल में अनिश्चितकालीन हड़ताल गए जूनियर डॉक्टर्स की मांगों की पैरवी

जन स्वास्थ्य अभियान ने आंदोलन के समर्थन में लिखा मुख्यमंत्री को पत्र इंदौर/ भोपाल, 6 जून 21 । जन स्वास्थ्य अभियान ने प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जूनियर डॉक्टर्स के आंदोलन के समर्थन में पत्र लिखकर उनकी मांगों को…

पर्यावरणीय धर्म का विकास करते हुए संरक्षण के लिए प्रकृति मित्र योजनाएं बनाने की जरूरत – डॉ.प्रियरंजन त्रिवेदी

‘पर्यावरण : अतीत, वर्तमान और भविष्य’ विषय पर वक्‍ताओं के उद्गार कोविड काल के दौरान पर्यावरण समृद्ध हुआ हैं, लेकिन सामान्य काल में भी पर्यावरण की शुद्धता बनी रहे इस हेतु ‘ग्रीन टेक्‍नोलॉजी’ का उपयोग कर निरंतर प्रयास करने होंगे।…

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव; दक्षिण पश्चिमी मानसून पर पड़ता असर

जलवायु परिवर्तन का मौसम की बदलती तर्ज से गहरा नाता है और यह ताकतवर चक्रवाती तूफानों तथा बारिश के परिवर्तित होते कालचक्र से साफ जाहिर भी होता है। इसका विनाशकारी रूप अब दक्षिण पश्चिमी मानसून पर भी असर डालता दिख…

पर्यावरण : एक वास्तविक परिकल्पना है – ‘गाया’

अपने जीने के लिए जरूरी पर्यावरण के साथ हम एक व्यक्ति, समाज और सत्ता की तरह जैसा क्रूर, आत्महंता व्यवहार कर रहे हैं, वह एक सीमा के बाद हमें खुद ही भोगना पडेगा। विकास के झांसे में की जा रही…

कोरोना की संभावित तीसरी लहर

कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी के अब तीसरे दौर की बातें होने लगी हैं, लेकिन पहले और दूसरे की तरह इस तीसरे दौर के लिए भी तैयारी नहीं दिखती। यदि कोविड-19 के तीसरे दौर को रोकना हो तो क्या…

हीरा नहीं, जंगल है सदा के लिए

मध्यम वर्ग ने एक जीवन मंत्र अपना लिया है। खूब कमाओं और खूब खर्च करो। खर्च करने के लिए सोने के बाद अब हीरे का लालच है। और हीरा मिला है बक्सवाहा के जंगलों में। लेकिन इसके लिए लाखों पेड़…