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‘म्यूटिड’ होकर मारता है, कोरोना

पिछले डेढ-दो साल से कोरोना वायरस का संकट हमें हलाकान किए है। एलोपैथी, होम्योपैथी से लेकर आयुर्वेद तक में इसके तरह-तरह के इलाज पता चले हैं। प्रस्तुत है, आयुर्वेद की दृष्टि से कोरोना वायरस को समझने की एक पद्धति पर…

‘…बर्लिन के उस लेखक ने तो कमाल का सिद्धांत ही बना दिया है …’

फलस्तीन-इसरायल विवाद फलस्तीन-इसरायल विवाद पर प्रारंभ से महात्मा गांधी की नजर थी और वे हर संभव मौके पर उस विवाद को एक रचनात्मक मोड़ देने की कोशिश करते रहे थे. अपने देश की आजादी की अनोखी लड़ाई का नेतृ्त्व करते…

पानी से परिवहन : फर्जी दावों की पतवार से धकेले जा रहे राष्‍ट्रीय जलमार्ग

सडक, रेल और वायु मार्गों के अलावा अब हमारी सरकार पारंपरिक जल-परिवहन के लिए उत्साहित हुई है। कहा जा रहा है कि पानी के छोटे-बडे जहाजों से माल ढुलाई सस्ती हो जाएगी। सवाल है कि क्या शुरुआती तैयारी के लिहाज…

लक्षद्वीप : ‘स्वर्ग’ पर संकट थोपने की योजनाएं

प्रकृति के अद्भुद सुंदर इलाकों को पर्यटन के नाम पर उजाडने का हमारा विकास-वादी चलन अब सुदूर लक्षद्वीप में पांव पसार र‍हा है। आदिवासी बहुल शांत और समझदार लोगों की कुछ हजार की बसाहट अब विकास-वादियों की आंख में खटकने…

“ उनसे मेरी गहरी मित्रता भी मुझे न्याय देखने से रोक नहीं सकती है….”

संदर्भ : फलस्तीन(हमास)-इस्रायल युद्ध हाल के फलस्तीन(हमास)-इस्रायल युद्ध के बाद अब इस वैश्विक समस्या के हल की गरज से तरह-तरह की आवाजें उठने लगी हैं। महात्मा गांधी होते तो वे इस मसले पर क्या कहते? प्रस्तुत है,गांधी के नजरिए से…

विनम्र और मधुर मुस्कान बिखेरने वाले गोविंदन कुट्टी मेनन जीवन पर्यंत एक अध्येता रहे

12 जून। गांधीवादी विचारक, पर्यावरण के सजग प्रहरी, पद्मश्री गोविंदन कुट्टी मेनन कर देह आज पंच तत्‍व में विलीन हो गई । शनिवार की दोपहर में रीजन पार्क मुक्तिधाम में अंतिम संस्‍कर किया गया। चिता को मुखाग्नि उनके बेटे गोपाल…

पिघलते ग्‍लेशियर और जलवायु परिवर्तन की मार, कर रही है हिंदु कुश क्षेत्र पर वार

‘साइंस’ जर्नल में प्रकाशित ताजा अध्‍ययन के निष्‍कर्ष हिमालय-काराकोरम पर्वत श्रंखलाओं के ग्‍लेशियर पिघलने से एक बिलियन से ज्‍यादा लोगों की पानी सम्‍बन्‍धी जरूरतें पूरी होती हैं। अगर इस पूरी सदी के दौरान ग्‍लेशियर का एक बड़ा हिस्‍सा पिघल जाता…

महामारी में मजूरी : बच्चों की मजबूरी

‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस’ (12 जून) समाज के विभिन्न तबकों की तरह बच्चों पर भी कोविड-19 का मारक प्रभाव पडा है। कई जगहों पर लॉकडाउन और उसके बाद बच्चों को अपने परिवारों के भरण-पोषण में हाथ बंटाना पड रहा है।…

प्रसिद्ध पर्यावरणविद और गांधीवादी विचारक कुट्टी मेनन नहीं रहे, आज सुबह ली अंतिम सांस

12 जून । प्रसिध्‍द पर्यावरणविद एवं गांधी विचारक टी. जी. कुट्टी मेनन का आज सुबह 7.40 मिनट पर इंदौर में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। शुक्रवार सुबह उन्हें हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद उन्हें इलाज के…

दुगुना प्रभाव बढ़ाएगा मानसून में मुंबई की परेशानी, जलवायु परिवर्तन का असर भी साफ़

जलवायु परिवर्तन के कारण तटीय भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात बढ़ रहे हैं, अनियोजित विकास इन शहरों की भेद्यता में इजाफा करता है। उदाहरण के लिए, पिछले एक दशक में भारत में बाढ़ से 3 अरब डॉलर की आर्थिक क्षति हुई…