Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

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गांधीवादी चिंतक एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रन सिंह परमार का निधन

चंबल में ग्राम स्वराज, खादी और भूमिहीनों के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित भोपाल, 13 मार्च। प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता, गांधीवादी चिंतक और एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रनसिंह परमार (72) का शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे तिल्दा-नेवरा (छत्तीसगढ़)  में…

8 वां अखिल भारतीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन संपन्न तिब्बती लोकतंत्र और आंदोलन पर चर्चा

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश, 12 मार्च। यहां आयोजित 8वें अखिल भारतीय/अंतरराष्ट्रीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन (International Tibet Support Groups Conference) में 32 देशों के 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य निर्वासित तिब्बतियों का समर्थन करना, तिब्बत…

अनिद्रा से बिगड़ता स्वास्थ्य

विश्व निद्रा दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त नींद उतनी ही आवश्यक है जितना संतुलित आहार और नियमित व्यायाम। आज अनिद्रा वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है—लाखों लोग इससे प्रभावित हैं। शोध बताते हैं…

फ़्रेम्स ऑफ़ इटर्निटी  : रोशन लाल चोपड़ा की श्वेत-श्याम गाथाएँ

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में प्रदर्शित ऐतिहासिक फोटोग्राफिक प्रदर्शनी नई दिल्ली, 12 मार्च। प्रख्यात फोटो पत्रकार और द इंडियन एक्सप्रेस के पूर्व फोटो संपादक रोशन लाल चोपड़ा के दुर्लभ श्वेत-श्याम छायाचित्रों पर आधारित प्रदर्शनी “फ़्रेम्स ऑफ़ इटर्निटी” इन दिनों…

हिमालय, प्रकृति और गांधी विचार के साधक : डेविड जेरार्ड हॉपकिंस यानि डेविड भाई

स्मृति शेष : डेविड जेरार्ड हॉपकिंस, 1947–2026 पिछले पाँच दशकों से हिमालयी जीवन, पर्यावरण और समाज के बीच शांत साधक की तरह कार्य करने वाले डेविड जेरार्ड हॉपकिंस जिन्हें सभी स्नेह से “डेविड भाई” कहते थे, ने 9 मार्च 2026…

शिक्षक शिक्षा के समर्पित कर्मयोगी सुरेंद्रनाथ दुबे का निधन

शिक्षा, शिक्षक कल्याण और शैक्षिक चिंतन के क्षेत्र में दिया महत्वपूर्ण योगदान भोपाल, 8 मार्च। मध्यप्रदेश में शिक्षक शिक्षा और शिक्षक कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय एवं गांधी विचार से सरोकार रखने वाले वरिष्ठ शिक्षाविद् सुरेंद्रनाथ दुबे (90 वर्ष)  का…

आधी आबादी को अवसर से बदलेगी फिज़ा

सामाजिक न्याय और टिकाऊ विकास की राह में महिलाओं का सशक्तिकरण निर्णायक भूमिका निभाता है। फिर भी वैश्विक स्तर पर महिलाएँ समान कार्य के बावजूद पुरुषों से कम वेतन पाती हैं और अवसरों तक उनकी पहुँच सीमित रहती है। ऐसे…

जन स्वास्थ्य को केवल इलाज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जोड़कर देखने की जरूरत : डॉ. सुनील कौल

भोपाल में 12वां डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यान भोपाल, 7 मार्च। जन स्वास्थ्य को केवल इलाज के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और व्यापक सामाजिक संदर्भों के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। यदि पानी पर टैक्स लगाने…

जलवायु-परिवर्तन से जीत सकती हैं, महिलाएं

प्राकृतिक आपदाओं के अनुभव बताते हैं कि यदि दुनिया की आधी, महिलाओं की आबादी को अवसर मुहैय्या करवाए जाएं तो जलवायु-परिवर्तन से निपटा जा सकता है। यदि उन्हें शिक्षा, शारीरिक सक्षमता और व्यवहारिक ज्ञान प्राप्‍त करने का मौका मिले तो…

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘एआई’ : मुकाबले में इंसानी अक्ल

कम्प्यूटर, इंटरनेट के बाद अब हमारे संसार में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ यानि ‘एआई’ का अवतार हुआ है। कहा जा रहा है कि इंसानी वजूद की तमाम-ओ-तमाम हरकतें ‘एआई’ की मार्फत आसानी से हल कर ली जाएंगी। यहां तक कि सोचने-विचारने की…