फ़्रेम्स ऑफ़ इटर्निटी  : रोशन लाल चोपड़ा की श्वेत-श्याम गाथाएँ

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में प्रदर्शित ऐतिहासिक फोटोग्राफिक प्रदर्शनी

नई दिल्ली, 12 मार्च। प्रख्यात फोटो पत्रकार और द इंडियन एक्सप्रेस के पूर्व फोटो संपादक रोशन लाल चोपड़ा के दुर्लभ श्वेत-श्याम छायाचित्रों पर आधारित प्रदर्शनी “फ़्रेम्स ऑफ़ इटर्निटी” इन दिनों इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC), नई दिल्ली में प्रदर्शित की जा रही है। उनके 92वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी उनके लगभग तीन दशकों (1962–1992) के समृद्ध पत्रकारिता जीवन और भारत के बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य की सशक्त झलक प्रस्तुत करती है।

द इंडियन एक्सप्रेस में फोटो एडिटर के रूप में रोशन लाल चोपड़ा का लंबा और विशिष्ट करियर उन्हें देश के अग्रणी फोटो पत्रकारों में स्थापित करता है। वर्ष 1980 में उन्होंने कुछ समय के लिए द ट्रिब्यून, चंडीगढ़ में मुख्य फोटो पत्रकार के रूप में भी कार्य किया। अपने गौरवशाली करियर के दौरान उन्होंने भारत के 11 प्रधानमंत्रियों और 10 राष्ट्रपतियों के ऐतिहासिक क्षणों को अपने कैमरे में कैद किया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन 7 मार्च 2026 को वरिष्ठ पत्रकार श्री ए. सूर्य प्रकाश (पीएम म्यूज़ियम एवं लाइब्रेरी सोसाइटी; पूर्व अध्यक्ष, प्रसार भारती) और श्रीमती पुष्पा गिरिमाजी   (कंज़्यूमर राइट्स एक्टिविस्ट और चोपड़ा की पूर्व सहयोगी)  द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके पूर्व सहयोगी श्री ए. एन. सिन्हा, श्री संदीप शंकर (पूर्व फोटोग्राफर, हिंदुस्तान टाइम्स), श्री सुनील शास्त्री (प्रबंध ट्रस्टी, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल ट्रस्ट) तथा श्री एस. एन. श्रीवास्तव, निदेशक, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर सहित अनेक प्रशंसक, मित्र और परिवारजन उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में लगभग 160 दुर्लभ श्वेत-श्याम छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें उस दौर के राष्ट्रीय नेताओं, लुटियंस दिल्ली के स्थापत्य, राजधानी के जनजीवन और समाज के विविध आयामों की झलक मिलती है। इन तस्वीरों के माध्यम से उस समय का सामाजिक और राजनीतिक परिवेश जीवंत हो उठता है। प्रदर्शनी में रोशन लाल चोपड़ा द्वारा उपयोग किए गए कैमरे और फोटोग्राफी उपकरण भी दर्शकों के लिए प्रदर्शित किए गए हैं।

प्रदर्शनी में अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती कूमी कपूर (सहयोगी संपादक, इंडियन एक्सप्रेस), द प्रिंट के फोटो संपादक श्री प्रवीण जैन, श्री देवसागर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार तथा श्री अनिल शास्त्री शामिल (प्रबंध ट्रस्टी, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल ट्रस्ट) थे।

इस फोटोग्राफी प्रदर्शनी का संयोजन श्री रवि चोपड़ा और डॉ. शोभना राधाकृष्ण द्वारा किया गया है। क्यूरेटर रवि चोपड़ा के अनुसार, प्रदर्शनी में प्रदर्शित तस्वीरें 1960 के दशक से लेकर 1990 के दशक तक के भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत करती हैं। श्वेत-श्याम माध्यम में चोपड़ा की महारत न केवल उनकी तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि उस दौर की मानवीय संवेदनाओं, ऐतिहासिक क्षणों और दिल्ली के बदलते परिदृश्य को गहरी संवेदनशीलता के साथ दर्ज करती है।

प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख छायाचित्रों में दिल्ली के साउथ ब्लॉक का दृश्य, राजपथ पर मानसून में ड्यूटी करते पुलिसकर्मी, डॉ. कर्ण सिंह और राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन के बीच संवाद, चांदनी चौक का प्रसिद्ध चाटवाला, कनॉट प्लेस का विहंगम दृश्य, विजय चौक का प्रसिद्ध ‘डांसिंग ट्रैफिक पुलिसमैन, 1965 में लाल किले से प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का संबोधन, 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान वाघा बॉर्डर, मध्य प्रदेश के चंबल में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समक्ष डकैतों का आत्मसमर्पण, तथा अमृतसर का स्वर्ण मंदिर जैसे ऐतिहासिक और जीवंत क्षण शामिल हैं।

यह प्रदर्शनी रोशन लाल चोपड़ा के असाधारण योगदान को रेखांकित करती है। उनके छायाचित्र केवल घटनाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक युग के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास का सजीव दृश्य अभिलेख हैं। ये श्वेत-श्याम फ्रेम समय के पार जाकर उस दौर की स्मृतियों को संजोते हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य ऐतिहासिक एवं अभिलेखीय धरोहर के रूप में सामने आते हैं—सच अर्थों में “फ़्रेम्स ऑफ़ इटर्निटी”।

यह प्रदर्शनी 17 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की आर्ट गैलरी, मल्टीपर्पज हॉल (द्वितीय तल) में आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

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