Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

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कोरोना : महामारी में उघरती स्वास्थ्य-व्यवस्था की बदहाली

कहा जाता है कि संकट में समस्याओं से निपटने की असली परीक्षा होती है। इस लिहाज से देखें तो कोरोना महामारी के दौरान हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बुरी तरह भद्द पिटी है। इलाज के लिए दवाओं, उपकरणों और आक्सीजन की…

ख्वाजा अहमद अब्बास : फिल्म और कलम इनके लिए क्रांति के औजार थे

– विनीत तिवारी  अब्बास ख्वाजा अहमद साहब की प्रतिभा का एक बड़ा क्षेत्र उनकी पत्रकारिता भी थी। “ब्लिट्ज” में छपने वाला उनका स्तम्भ “लास्ट पेज” इतना लोकप्रिय था कि अनेक पाठक अखबार को आख़िरी पन्ने से पढ़ना शुरू करते थे।…

कोरोना से बच्चों को बचाने की कोशिशें

पिछले डेढ-दो सालों से दुनियाभर को बदहवास रखने वाली कोविड-19 महामारी ने बच्चों को सर्वाधिक प्रभावित किया है। उनके स्कूलों, खेल के मैदानों, घरों तक में एक ऐसा अनजाना डर पैठ गया है जिसने उनके सहज जीवन को मटियामेट कर…

‘इस’ और ‘उस’ आपातकाल के बीच का असली सच क्या है?

नरेंद्र मोदी को आपातकाल के ‘काले दिनों’ और उस दौरान ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ को कुचले जाने की बात इसलिए नहीं करना चाहिए कि कम से कम आज की परिस्थिति में ‘भक्तों’ के अलावा सामान्य नागरिक उसे गम्भीरता से नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री…

बुन्देलखण्ड में कोविड से पलायन

सूखे और अकाल के चलते बडी संख्‍या में पलायन बुंदेलखंड की नियति बन गई है। कोरोना महामारी ने इसे और भी बढा दिया है। क्या हैं, वहां के हालात? अपने लेख के लिए शिवाशीष ने ‘सेंटर फॉर फाईनेन्शियल एकॉउन्टेबिलिटी’ (सीएफए)…

हासिये पर छूटे असल भारत की तस्वीर दिखाती पुस्तक- एक देश बारह दुनिया

हिन्दी भाषा के ग्रामीण पत्रकार शिरीष खरे की पुस्तक ‘राजपाल एंड संस, नई दिल्ली’ से प्रकाशित होकर अब बाजार में उपलब्ध हो गई है, पुस्तक का नाम है- एक देश बारह दुनिया । इसमें शिरीष खरे ने हासिये पर छूटे…

अखिल गोगोई : एन आई ए कोर्ट द्वारा बरी किया जाना असाधारण ऐतिहासिक फैसला

एनआईए कोर्ट ने असम सरकार को तगड़ा झटका देते हुए विधायक अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों में कथित भूमिका के लिए…

निजीकरण से निपटाई जाती रेलवे

भूमंडलीकरण के बाद के सालों की केन्द्र और राज्य की सरकारों ने सरकारी क्षेत्र के तमाम उद्यमों को मिट्टी मोल निजी हाथों में सौंपा है। इस सिलसिले की ताजा शिकार रेलवे हो रही है जिसे मुनाफे के पारंपरिक और ‘नो…

हूल रचते आदिवासी कवि

हूल क्रांति दिवस : 30 जून हूल क्रांति दिवस 30 जून को मनाया जाता है। इसे संथाल विद्रोह भी कहा जाता है।‘संथाल हूल’ के नाम से झारखंड, ओडिशा, बंगाल, बिहार, असम के अलावा देश-विदेश में भी हूल दिवस मनाया जाता…

यह हमारी नहीं, पूंजी और सत्ता की लड़ाई है

डिजीटल प्लेटफॉर्म हैं दुनिया में वे सब पूंजी— बड़ी-से-बड़ी पूंजी— की ताकत पर खड़े हैं। छोटे-तो-छोटे, बड़े-बड़े मुल्कों की आज हिम्मत नहीं है कि इन प्लेटफॉर्मों को सीधी चुनौती दे सकें। इसलिए हाइटेक की मनमानी जारी है। उसकी आजादी की,…