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पानी को सहेजने की परम्परा

इंसान के जिन्दा रहने के लिए हवा, पानी और भोजन अनंत बुनियादी जरूरतें हैं और इसीलिए आजकल के व्यापार-धंधे में इन जिन्सों की भारी पूछ-परख है। इन तीनों में से सिर्फ पानी को ही देखें तो क्या पता चलता है?…

वाराणसी में विनोबा जयंती से शुरू हुई विरासत बचाओ न्याय यात्रा का 11 वें दिन में प्रवेश

वाराणसी 21 सितंबर। सर्व सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन पाल और कार्यक्रम संयोजक राम धीरज, लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के डा संत प्रकाश के नेतृत्‍व में भूदान आंदोलन के प्रणेता और भारत रत्न से सम्मानित संत विनोबा भावे की…

ब्राजील से ”विश्व जल शांति अभियान” का आगाज : अहिंसामय समाज के निर्माण की पहल

मानवता पर आए संकट का समाधान अब प्राकृतिक सुरक्षा में ही है। आज का हमारा आर्थिक ढांचा बहुत विस्तार पा गया है। इससे जलवायु परिवर्तन के संकट ने चारों ओर असुरक्षा पैदा कर दी है। इस प्राकृतिक सुरक्षा कवच की…

सिगरेट बट्स : खतरे एवं समाधान के प्रयास

हमारे देश में एक वर्ष में बट्स सहित सिगरेट का कचरा लगभग 03 करोड़ टन निकलता है। एक किलो सिगरेट के कचरे में लगभग 3000 बट्स पाये जाते है। बट्स में पाये जाने वाले कैसरजन्य रसायनों से पैदा खतरों के…

बुनकरों की बदहाली : दवा के साथ दुगना होता मर्ज

हथकरघा उद्योग आज भी रोजगार का एक कारगर साधन है, लेकिन हमारी सरकारें और उनकी नीतियां उसे अपेक्षित महत्व नहीं देतीं। नतीजे में यह उद्योग ठप्प होता जा रहा है। फिलहाल क्या हालत है, हथकरघा उद्योग की? सात अगस्त, 1905 को…

सनातन धर्म : द्रविड़ और सनातन सभ्यता का द्वन्द

राजनीतिक क्षितिज में द्रविड़ विरुद्ध आर्य का विवाद बहुत पुराने समय से चल रहा है और इस विवाद के चलते सर्वमान्य हल निकालने के जो प्रयास हुए उसका साक्ष्य हमें भारत के संविधान की रचना के समय हुए वाद विवाद…

दान में जमीन का छठा हिस्सा मांगने वाले संत विनोबा भावे

विनोबा भावे : 11 सितंबर जन्‍म दिवस प्रसंग आज संत विनोबा भावे का जन्‍म दिवस है। भूदान आंदोलन के जनक, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं अहिंसा के प्रबल समर्थक आचार्य विनोबा भावे का भूमि दान प्रयोग दुनिया का ऐतिहासिक नवाचार रहा…

ताप-विद्युत बनाम ‘अक्षय-ऊर्जा’ : कोयले की कालिख

जलवायु-परिवर्तन सरीखे वैश्विक संकटों के लिए जिस उद्योग को सर्वाधिक गरियाया जाता है वह कोयले को जलाकर पैदा की जाने वाली बिजली यानि ताप-विद्युत या थर्मल पॉवर है। हमारे राजनेता गरियाने की इसी रौ में वैश्विक मंचों से तरह-तरह के…

ओडिशा में प्राकृतिक संसाधनों की कॉर्पोरेट लूट व दमन खत्म करने हेतु मुख्‍यमंत्री को लिखा पत्र

नियामगिरी सुरक्षा समिति के आदिवासी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ़ यू.ए.पी.ए – एफ.आई.आर और बेबुनियाद आरोप खारिज करने की मांग   मुंबई, 22 अगस्‍त। देशभर के 20 राष्ट्रीय नेटवर्क / संगठनों, 40 जन संगठनों और 350 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं,…

फसल बीमा : कंपनियों ने लूटे हजारों करोड़

प्राकृतिक और मानवीय त्रासदियों के कारण खेती में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए सरकार ने बीमा-योजना बनाई है। कहा जा रहा है कि मामूली प्रीमियम देकर किसान आपदाओं से खुद को सुरक्षित कर सकता है, लेकिन देशी-विदेशी कंपनियों…