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Ujjain : सरकारी धतकरमों में उलझी प्रदूषित क्षिप्रा

अपने समाज और सरकार की बदहाली की एक बानगी उज्जैन की क्षिप्रा नदी में लगातार बनी रहने वाली गंदगी भी है, उस क्षिप्रा की जिसके तट पर हर 12 साल में हिन्दुओं का सबसे बड़ा मेला महाकुंभ लगता है। इसे…

अंतरराष्‍ट्रीय : पनामा में पर्यावरण के लिए प्रतिरोध

मौजूदा विकास की अवधारणा के चलते दुनियाभर में प्रतिरोध हो रहे हैं। हाल में मध्य अमेरिकी देश पनामा Panama में तांबे की खदान के विरोध में आम लोगों ने प्रदर्शन किया और सुप्रीम कोर्ट तथा राष्ट्रपति को अपनी बात समझा…

‘23 की हिंसा ‘24 में कितना बड़ा रिकॉर्ड क़ायम करेगी ?

फ़िल्मों में प्रदर्शित की जानी वाली अतिरंजित हिंसा और सड़कों पर व्यक्त होने वाली असली सांप्रदायिक हिंसा से फ़िल्म उद्योग, सेंसर बोर्ड,राजनीति, धर्म और समाज किसी को कोई परेशानी नहीं है। सत्ताधीशों के लिए जिस तरह से धर्म पैंतीस पार…

नए संकल्पों के साथ करें नव वर्ष का स्वागत

आईये नये साल का स्‍वागत नये संकल्‍पों के साथ करने की योजना बनाए। क्‍योंकि कोई भी नया संकल्प लेने से पहले सबसे जरूरी है कि हम अपने अंदर की कमजोरियों, अपने गुणों-अवगुणों को पहचानकर इनकी समीक्षा करें और अपनी गलतियों,…

Indian Railways : यात्रियों से रूठती रेल

आम लोगों के परिवहन का सर्वाधिक सुलभ और सस्ता साधन रेलगाडी अब धीरे-धीरे मंहगा, बेहद मंहगा होता जा रहा है। कहा जा रहा है कि अब आम जनता के लिए ‘जनरल कोच’ और खास लोगों के लिए मंहगी ‘एसी कोच’…

स्‍वागत : नये साल 2024 की दहलीज पर

नये साल की दहलीज पर खड़ा हमारा देश अपनी निराशा से निकले, सन्निपात की आवाजों को सुने-समझे तो नये साल में कोई नई संभावना पैदा हो सकती है। संभावना सिद्धि नहीं है। उसे सिद्धि तक पहुंचाने के लिए मानवीय पुरुषार्थ…

मध्‍यप्रदेश के राज कुमार सिन्हा को वर्ष 2023 का बाबा आमटे सामाजिक कार्यकर्ता राष्ट्रीय सम्मान दिये जाने की घोषणा

बाबा आमटे लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार 2023 तमिलनाडु के आर. सुंदरेशन को दिया जाएगा  चंद्रपुर, महाराष्‍ट्र। मध्‍यप्रदेश के वरिष्‍ठ सामाजिक कार्यकर्ता राज‍कुमार सिन्‍हा को वर्ष 2023 का Baba Amte बाबा आमटे सामाजिक कार्यकर्ता राष्ट्रीय पुरस्कार तथा 2023 का बाबा आमटे लाइफटाइम…

ARTIFICIAL INTELLIGENCE : इंसानियत को ताक पर रखती तकनीक

मौजूदा समय ऐसी तकनीक का है जो इंसानों की तरह खुद-ब-खुद सोच-समझकर, निर्णय लेगी और उस पर अमल करेगी, लेकिन क्या इसमें कोई इंसानियत भी बची होगी? तकनीक के इस अत्याधुनिक स्वरूप के मालिक अकूत पूंजी बनाने के अलावा किसी…

शिक्षा : थके हुए शिक्षक को चाहिए थोड़ा आराम भी

पेशेवर विकास के लिए शिक्षकों के पास पर्याप्त अवसर होने चाहिए| इससे उनका हुनर बढेगा और वे शिक्षण के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों से परिचित होंगे| शिक्षकों के ऐसे समूह होने चाहिए जिसमें वे एक दूसरे की सहायता…

चन्नम्मा हल्लिकेरी : एक तपोनिष्ठ विनोबा विचार की साधिका का मौन होना

रमेश भैया कन्नड़ भाषा की विद्वान, देवनागरी लिपि की प्रचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुश्री चैन्नमा दीदी (94 वर्ष) का 21 दिसंबर 23 को पवनार आश्रम, वर्धा में ह्रदयगति रुक जाने से देहांत हो गया। चैन्‍नमा दीदी कई दिनों से अस्वस्थ…