एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पीवी करेंगे अगुवाई 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ से मुरैना के लिए रवाना होंगे एकता परिषद के लोग कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को भूमिहीनों-मजदूरों के लिए काम करने वाले जन संगठन…
कोरोना वायरस की मार्फत फैली कोविड-19 बीमारी ने तरह-तरह की समस्याएं पैदा की हैं। इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण है – स्कूली शिक्षा। शिक्षा की इस बदहाली का तीखा असर झुग्गी बस्तियों की गरीब आबादी को झेलना पड रहा है। कोविड ने…
अपने समय में शिक्षा सर्वाधिक विवादास्पद जरूरत बनकर रह गई है। कोई अपने बच्चों को क्यों, कैसी और कितनी शिक्षा दिलाए? इतना सब करने के बाद क्या शिक्षा के घोषित उद्देश्य पूरे हो सकेंगे? शिक्षा व्यवस्था के दो ध्येय होते…
भारतीय उप-महाद्वीप की ज्ञान-परंपराओं में किसी भी जीवधारी की जीवन-मृत्यु पूर्व निर्धारित मानी जाती हैं, लेकिन अब आधुनिक विज्ञान भी इसे मानने लगा है। ताजा शोधों ने उजागर किया है कि प्रकृति में बेजा मानवीय हस्तक्षेप के चलते यह पूर्व-निर्धारित…
सरकार और किसान संगठनों के बीच चल रही तनातनी के बाद अब राजस्थान प्रदेश के किसान संगठनों ने किसान आंदोलन के राष्ट्रीय आव्हान के तहत जयपुर-दिल्ली राजमार्ग से दिल्ली कूच करने का फैसला किया है। अभी तक किसान अलग –…
किसान और सरकार वार्ता के छः दौर पूरे हुए है। सीधी मामूली माँग है। किसान विरोधी जो तीन कानून अलोकतांत्रिक तरीके से बनाये है, उन्हें जल्दी से जल्दी रद्द करो। इस मांग के ऊपर ज्यादा संवाद या वार्ता में समय…
जनवादी कवि मंगेलश डबराल हमेशा हमारे बीच में रहेंगे प्रस्तुति : कुमार सिध्दार्थ 9 दिसंबर । वरिष्ठ कवि-लेखक और पत्रकार मंगलेश डबराल का हमारे बीच न रहना साहित्यिक और पत्रकारिता जगत की बडी क्षति है। मंगलेश डबराल समकालीन हिंदी कवियों…
09.12.20 । जागृत आदिवासी दलित संगठन, बडवानी द्वारा नए कृषि कानूनों और विद्युत संशोधन अधिनियम 2020 के खिलाफ देशभर में हो रहे किसानों के आंदोलन में जुड़ते हुए, बड़वानी जिले के किसान-मज़दूरों के मुद्दों को लेकर पाटी नाका से रैली…
10 दिसंबर : मानवाधिकार दिवस बीते दौर में देश भर में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर भी हमले व मुकदमों में तेज़ी से बढ़त हुई है। छात्रों समेत किसान, मज़दूर व अन्य शोषित वर्ग द्वारा अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने पर…
किसान आंदोलन प्रधानमंत्री और उनकी सरकार से अधिक अब विपक्षी दलों की संयुक्त ताक़त और जनता के उस वर्ग के लिए चुनौती बन गया है जो कृषि क़ानूनों की समाप्ति को सत्ता के गलियारों में प्रजातांत्रिक मूल्यों की वापसी के…