साठ के दशक में लाई गई ‘हरित-क्रांति’ ने बेहद सीमित, खासकर गेहूं-चावल की, फसलों को बेतरह बढ़ावा दिया था, लेकिन इसने कई पौष्टिक, कम लागत की आसान फसलों को दरकिनार कर दिया था। क्या आज के दौर में फिर से…
क्रेडिटसाइट्स के एक अध्ययन से पता चला है कि भारतीय बैंकों के कुल ऋण का 45% कॉरपोरेट ऋण है। अगर ये ऋण न चुकाये जाएँ तो ये अपने साथ कई बैंकों को डुबो देंगे। इसके बावज़ूद, सरकारी बैंक भी कॉरपोरेट…
डॉ. पुष्पेंद्र दुबे विनोबा जयंती : 11 सितंबर भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा का जन्म 11 सितंबर 1895 को महाराष्ट्र के गागोदा ग्राम में हुआ। उन्होंने दस वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया और सन् 1916 में…
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राजधानी दिल्ली से लगे नोएडा इलाके में दो बहुमंजिला इमारतों को हाल में ढहाया गया है। वजह है, इन इमारतों का भ्रष्ट तरीकों से अवैध निर्माण। एक विशालकाय इमारत की देश में पहली बार हुई…
आजकल शिक्षा, किसी तरह डिग्री हासिलकर नौकरी पाने का उपाय भर होती जा रही है। देश व समाज के लिए बेहतर नागरिक बनाने में शिक्षा संस्थानों की अब कोई रुचि दिखाई नहीं देती। ऐसे में क्या किया जाना चाहिए? प्रस्तुत…
प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुफ्त सुविधाओं के खिलाफ आम सहमति बनती दिख रही है। गरीबों के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाला अनाज, बिजली या स्वास्थ्य सेवाएं अचानक सभी वित्तीय चिंताओं का मूल कारण बन गई हैं। लेकिन कंपनियों…
पिछले पांच साल में बिना बिजली खरीदे वि़द्युत कम्पनियों को बतौर फिक्स चार्ज किया 12834 करोङ़ रुपए का भुगतान परमाणु उर्जा स्वच्छ नहीं है। इसके विकिरण के खतरे सर्वविदित है। वहीं परमाणु संयंत्र से निकलने वाली रेडियोधर्मी कचरा का निस्तारण…
हमारे यहां बिजली के लिए कोयले का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है, लेकिन उससे पैदा होने वाली राख पर्यावरण, पानी, खेती और हवा तक को खतरे में डालती है। पिछले महीने महाराष्ट्र के नागपुर में राखड के तालाब टूटने के…
तरुण भारत संघ के अध्यक्ष एवं जाने माने जलयोध्दा, पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह और तरुण भारत संघ की उपाध्यक्ष डॉ. इंदिरा खुराना की संयुक्त लिखी पुस्तक “Rejuvenation of Rivers- Climate change |Livelihood | Dignity | living Example का विमोचन इंस्टीट्यूट ऑफ…
खेलकूद में बच्चों की एक स्वाभाविक रूचि होती है| वे हर समय खेलना चाहते हैं, पर अपने अनुभवों से दबे-पिसे वयस्क उनको पढ़ाई-लिखाई पर अधिक ध्यान देने और खेलकूद पर समय बर्बाद न करने की हिदायतें देते नहीं थकते| पीढ़ियों…