Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

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मिट्टी की महिमा के अमर गायक : कवि डॉ.शिवमंगल सिंह सुमन

हिंदी साहित्य की प्रगतिशील विचारधारा के शीर्षस्थ कवि डॉ.शिवमंगल सिंह सुमन के अवसान को दो दशक हो रहे हैं। महाकाल के महिमामय उद्यान के प्रमुख सुमन की सुरभि से कभी उज्जैनी का कण-कण सुवासित होता था। शहर का कोई भी…

म़ीडिया : अगड़ी जातियों की गिरफ्त में म़ीडिया

एक ठीक दर्शक या पाठक की तरह आंख-कान खोलकर देखें तो अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों जैसे तबकों को मीडिया में मिलने वाली नगण्‍य सी जगहें साफ देखी जा सकती हैं। विडंबना यह है कि हमारी कुल आबादी में ये…

आर्थिक विकास : गिरता रुपया, चढ़ता डॉलर

‘जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय’ (जेएनयू) से अर्थशास्त्र पढीं देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की इस बात में कितना दम है कि रुपए के गिरने की वजह डॉलर का मजबूत होना है? ध्यान से देखें तो उनकी यह टिप्पणी समूचे अर्थतंत्र को…

प्रकृति : जिन्दा रहने की जद्दोजेहद

अब यह कोई दुराव-छिपाव की बात नहीं रही है कि हमारे आम-फहम जीवन में लगातार गिरावट आती जा रही है और इसकी वजह भी हम खुद ही हैं। आखिर किस तरह हम अपनी इस बदहाली से पार पा सकते हैं?…

गंगा : मैली रह गईं मोक्षदायिनी

हमारे समाज के पाखंड को देखने का एक आसान तरीका नदियों की बदहाली का भी है। जिन नदियों को हम अहर्निश पूजते, माता का दर्जा तक देते हैं, उनमें तरह-तरह की औद्योगिक, रासायनिक और अस्पताली गंदगियों को उडेलते हुए कोई…

भारत जोड़ो यात्रा : राहुल गांधी सरकार के ख़िलाफ़ जन-आंदोलन खड़ा करेंगे ?

इस बात से संदेह दूर हो जाना चाहिए कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ज़रिए राहुल ने 137-वर्षीय पुरानी कांग्रेस को अब अपने अस्तित्व के लिए पूरी तरह से अपने ऊपर निर्भर कर दिया है। वे कांग्रेस के नरेन्द्र मोदी बन…

आत्महंता समय और समाज : ‘कॉप – 27’ भी क्या कर लेगा?

इन दिनों, छह से 18 नवंबर ’22 के दौरान, मिस्र के शर्म-अल-शेख में ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ का सालाना जलवायु सम्मेलन, कॉप-27 जारी है। इसमें दुनिया भर के करीब सौ राष्ट्र-प्रमुख बढती गर्मी और नतीजे में भीषण जलवायु-परिवर्तन पर विचार-विमर्श कर…

जनजातीय गौरव दिवस और सत्ता प्रतिष्ठान का दोहरा चरित्र

आज सत्ता प्रतिष्ठान बिरसा मुंडा का नाम लेते हैं परन्तु यही सत्ता विकास के नाम पर लाखों आदिवासियों को उनके जल-जंगल-जमीन से बेदखल कर विस्थापित कर दिया है। विस्थापन की त्रासदी ऐसी की शहर के झुग्गी झोपड़ी में रहकर मजदूरी…

क्या मोरबी में भी भोपाल होगा ?

मोरबी की दुर्घटना के बाद भोपाल गैस त्रासदी का हवाला देते हुए चेताया गया था कि लोगों की याददश्त कमज़ोर होती है, वे सब कुछ भूल जाएंगे! मोरबी में पुल टूटने की घटना और गुजरात में मतदान के बीच भी…