प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुफ्त सुविधाओं के खिलाफ आम सहमति बनती दिख रही है। गरीबों के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाला अनाज, बिजली या स्वास्थ्य सेवाएं अचानक सभी वित्तीय चिंताओं का मूल कारण बन गई हैं। लेकिन कंपनियों को दी जा रही भारी कर कटौती, और करोड़ों की ऋण माफी को क्या कहा जाए? इन्ही सवालों के संदर्भ में पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’
समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके

