समसामयिक स्थायी स्तम्भ

हमारा पैसा हमारा हिसाब : वापस आया बिजली संशोधन बिल

हमारा पैसा हमारा हिसाब : वापस आया बिजली संशोधन बिल
किसानों के लंबे आंदोलन की वजह से बिजली बिल को वापस ले लिया गया था। लेकिन अब सरकार इसे पार्लियामेंट के अगले सत्र में वापस लाना चाहती है। किसानों के साथ किए गए वादे को भूल कर, इस बिल के बहाने सरकारी बिजली कंपनियों को बचाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन असल में लगता है कि इस बिल का मकसद सरकारी कंपनियों को बंद करना और कुछ कंपनियों का एकाधिकार लाना है। इन्ही सवालों के संदर्भ में पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्‍दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।
See also  हमारा पैसा हमारा हिसाब नया एपिसोड : 34 लाख नौकरियां कहां गई, बेरोजगारी का संकट

लेखक का परिचय

कविता कबीर

कविता कबीर ‘सेंटर फॉर फाइनेन्शियल अकॉउन्टेबिलिटी’ (सीएफए) से जुडी है । उन्‍हें ‘स्मितु कोठारी फैलोशिप’ प्रदान की गई है।

जुड़ें - हमारे व्हाट्सएप चैनल से

सप्रेस मीडिया - नवीनतम आलेख, रिपोर्ट, समाचार अपडेट सीधे अपने व्हाट्सएप पर प्राप्त करें।

व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें →

निष्पक्ष पत्रकारिता का समर्थन करें

आज के दौर में निष्पक्ष, स्वतंत्र और जन-सरोकार की पत्रकारिता को जीवित रखना बड़ी चुनौती है। विज्ञापनदाताओं और कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त होकर आप तक सही और सटीक खबरें पहुंचाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। हमारी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आपकी दी हुई छोटी-सी सहयोग राशि हमें सच्ची पत्रकारिता करते रहने का संबल देगी।

सहयोग राशि →

संबंधित आलेख

सर्वाधिक पढ़े गए