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बदइंतजामी से बेहाल मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ता

तेईस साल पहले ‘एशियन डेवलपमेंट बैंक’ के कर्ज के साथ मिले सलाह-नुमा-निर्देशों को मैदान में उतारने की खातिर ‘मध्यप्रदेश विद्युत मंडल’ को तीन तरह की कंपनियों में इसलिए विभाजित किया गया था, ताकि इससे मंडल का घाटा कम या समाप्त…

क्या गंगा के प्रति हमारे पाखंड को मेट पाएगा, महाकुंभ?

हमें अपनी सरकारों, सेठों और समाज में बहुतायत से व्याप्त पाखंड को देखना हो तो पतित पावनी मानी गईं गंगा के प्रति पिछले कुछ दशकों से किए जा रहे अपने व्यवहार को देखा जा सकता है। स्वर्ग-नसेनी के दर्जे की…

सिजीमाली में दमनकारी कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन की घोर निंदा : गांधीवादी जन संगठन

डॉ. विश्वजीत रायगढ़ा (ओडिशा), 11 अप्रैल। ओडिशा के रायगढ़ा जिले के कंटामाल गाँव में Sijimali Bauxite Mining Project के संदर्भ में 7 अप्रैल की भोर में हुई पुलिस कार्रवाई पर गांधीवादी जन संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे…

‘जहां पड़े कदम गांधी के, एक कदम गांधी के साथ’ पटना से चंपारण यात्रा शुरू

लोकतंत्र और सद्भाव की विरासत को सहेजने का संकल्प पटना,10 अप्रैल। आज़ादी आंदोलन की विरासत, सद्भावना, लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों की हिफाज़त और मजबूती के लिए आज सुबह पटना स्थित जयप्रकाश नारायण के निवास स्थल, महिला चरखा समिति में…

विज्ञान और अध्यात्म : प्रकृति से प्रेम ही सनातन है

विकास, खासकर भौतिक विकास को हिंसक विनाश में तब्दील कर रहे नीति-निर्धारक, राजनेता और पूंजीपति एक बात में समान हैं। वे सब खुद को धार्मिक, सनातनी कहते-मानते हैं, लेकिन क्या उनका धर्म उन्हें प्रकृति के प्रति प्रेम, सरोकार नहीं सिखाता?…

सदाचार के तावीज़ से परसाई के बोल गूँजे इप्टा के राज्य सम्मेलन में

अनूपपुर में संपन्न हुआ भारतीय जन नाट्य संघ का राज्य सम्मेलन हरनाम सिंह   वैचारिक रूप से जनप्रतिबद्ध कला और जन संस्कृति का संरक्षक और संवाहक भारतीय जन नाट्य संघ का मध्य प्रदेश का दसवां राज्य सम्मेलन छत्तीसगढ़ की सीमा…

युद्ध के दबाव में कृषि

अमरीका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ा गया निरर्थक युद्ध अब असर दिखाने लगा है। भरे-पूरे, जीवित देशों की बरबादी और असंख्य मौतों के अलावा तेल की कमी से पैदा हुए कृषि, खाद्य, परिवहन और तरह-तरह की जरूरतों के संकट ने…

युद्धों में भुलाया जाता पर्यावरण

जीते-जागते इंसानों, सभ्यताओं, प्राणियों और स्व-निर्मित संसाधनों को नेस्तनाबूद करने के अलावा युद्ध पर्यावरण का भी विनाश करते हैं। विडंबना यह है कि पर्यावरण की यह बरबादी सदियों वापस पटरी पर नहीं आ पाती। क्या होता है, यह नुकसान? इसकी…

स्वास्थ्य और सुरक्षित पर्यावरण को नागरिकों का मौलिक अधिकार बनाया जाए

व्यावसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य अभियान को देश भर में समर्थन 08 अप्रैल। जन स्वास्थ्य अभियान भारत (जेएसएआई) ने अपने राज्य इकाइयों और संबद्ध संगठनों के साथ मिलकर 1 से 7 अप्रैल तक व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर एक सप्ताह राष्ट्रीय…

कामगार अब भी असुरक्षित : व्यावसायिक स्वास्थ्य को लेकर देशव्यापी अभियान तेज

“सभी के लिए स्वास्थ्य – सभी नीतियों में स्वास्थ्य” और “सभी के लिए साथ मिलकर” का उद्दघोष 7 अप्रैल। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियान भारत (JSAI ) द्वारा 1 से 7 अप्रैल 2026 तक देशव्यापी व्यावसायिक…