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पर्यावरण पुराण के अनुपम महर्षि

स्मृतिशेष / जयराम शुक्ल अनुपमजी हमेशा जीवंत हैं पानी की एक एक बूँद और पर्यावरण की आत्मा में…। जिस तरह हम बोलते हैं उस तरह तू लिख, और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख…. यशस्वी पिता भवानी प्रसाद मिश्र…

साफ सुथरे समाज के लिए समर्पित अनुपम जीवन के पैरोकार

अनुपम मिश्र अपने देश की प्रकृति, धरोहर, जीवन और लोक ज्ञान के अनूठे पैरोकार थे। वे अपने जीवन और लेखन के कारण गांधीवादी, पर्यावरणविद और श्रेष्ठ गद्य लेखक के रूप में शुमार किए जा रहे हैं। अड़सठ साल का सफर…

कैसे कारगर होगा, ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) ?

सालभर से ज्यादा के किसानों के दिल्ली धरने में, तीन कानूनों की वापसी के बाद जिस बात का अडंगा लगा है वह ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ यानि ‘एमएसपी’ है। इसे अमल में कैसे लाया जाएगा? किन तरीकों से ‘एमएसपी’ को कारगर…

जुगनू जहां भी रहे ,उजाला ही फैलाते रहे

श्रद्धांजलि बिहार के जाने-माने पत्रकार जुगनू शारदेय का 15 दिसंबर को दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में निधन हो गया। वह निमोनिया से ग्रस्त हो गए थे और उन्हें वृद्धाश्रम की गढ़मुक्तेश्वर स्थित शाखा से दिल्ली लाया गया था। पिछले कुछ…

बिहार : शराबबंदी के संकट

हजारों करोड रुपयों के राजस्व को ठेंगे पर मारते हुए पांच साल पहले बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी, लेकिन क्या यह अपेक्षित सफलता पा सकी है? आंकडे और अनुभव बता रहे हैं कि एक तरफ ‘मद्यनिषेध’ से…

सर्वोदय विचारक मणीन्‍द्र भाई निष्‍ठावान व्‍यक्ति थे; जीवन भर गाँधी-विनोबा के विचारों को किया आत्मसात

पर्यावरण संरक्षण हेतु ‘वृक्ष जीवन संस्‍कार पद्धति’ से किया गया अंतिम संस्‍कार 14 दिसंबर । वरिष्ठ गांधीवादी विचारक मणीन्‍द्र भाई का पार्थिव शरीर उज्‍जैन के सेवाधाम आश्रम के समीप ‘वृक्ष जीवन संस्‍कार पद्धति’ से भूमि संस्‍कार कर दफना दिया गया।…

हथकरघा के हाल, बेहाल

देश में आज भी कृषि के बाद दूसरा, सर्वाधिक रोजगार देने वाला हैन्डलूम क्षेत्र, जिसमें आजादी के आंदोलन की प्रतीक खादी भी शामिल है, किस हाल में है? अनुभव और आंकडे बताते हैं कि सरकारी नीतियों और उनके अमल ने…

सर्वोदय विचार के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता मणीन्‍द्र भाई का निधन; अंतिम संस्‍कार होगा ‘व़ृक्ष जीवन संस्‍कार पद्धति’ से

इंदौर 13 दिसंबर। खादी, भूदान, ग्रामोद्योग और ग्रामीणों के लिए समर्पित सर्वोदय कार्यकर्ता मणीन्‍द्र कुमार का 89 वर्ष की आयु में सोमवार को निधन हो गया। वे कई दिन से बीमार थे। वे आचार्य विनोबा भावे और लोकनायक जयप्रकाश नारायण…

अरावली का 40 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो चुका है राजस्थान में! : उपेंद्र शंकर

कोटा । सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावरमेंट कमेटी की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले पचास सालों में राजस्थान में 128 पहाड़ों में से 31 पहाड़ समाप्त हो चुके हैं। अरावली पर्वत, जो राजस्थान को दो हिस्सों में बांटता है, खनन…

सत्याग्रह से बापू की विरासत बचेगी

विरासत स्वराज यात्रा सत्याग्रह एक उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य है। बापू ने ‘नमक सत्याग्रह’ साबरमती आश्रम से शुरू किया था; उसे भी आज मिटाया जा रहा है। सादगी, समता, शांति, अहिंसामय द्वारा ‘हिंसक सत्ता से सत्य के लिए आग्रह’ करना ही…