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क्यों जरूरी है, वन व वन्य जीवों को बचाना

वन्यप्राणियों, पेड-पौधों और अपने आसपास की पारिस्थितिकी को जानते-बूझते, अकारण नुकसान पहुंचाना एक तरह की असभ्य हिंसा है और हम मानव इस कारनामे में अव्वल माने जा सकते हैं। क्या होगा, यदि ऐसा ही चलता रहा तो? जल, वायु और मृदा…

पर्यावरण बिगड़ने के दुष्प्रभाव से चिंतित विश्व

जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता रहेगा और बढ़ते तापमान से सूखे की स्थिति पैदा होगी। जिससे मीठे पानी के महत्वपूर्ण स्रोत प्रभावित होंगे। संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम (यूएनईपी) का मानना है कि पानी के बाद रेत सबसे…

‘संपूर्ण क्रांति’ : 2023 का जून 1974 का 5 जून बन पाएगा कि नहीं ?

आज भाजपा की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है और इंदिरा गांधी का पोता राहुल गांधी उसे विपक्षी दलों के साथ खड़ा उसी पटना के गांधी मैदान से चुनौती देने का साहस बटोर रहा है। जिस ममता बनर्जी ने…

‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (5जून) : सूचना प्रौद्योगिकी के पर्यावरणीय खतरे

पिछली दो-ढाई सदी में सूचना – प्रौद्योगिकी ने कमाल की प्रगति की है, लेकिन उसी अनुपात में इस तकनीक ने जैविक, इंसानी जीवन के लिए खतरे भी खडे कर दिए हैं। क्या हैं ये खतरे? और किस तरह से मानव…

युवाओं को ऐसी जीवन शैली बनाने की जरूरत जिससे पर्यावरण का हो कम से कम ह्रास

सेवा सुरभि द्वारा प्रकाशित हमारा इंदौर हमारा पर्यावरण पुस्तिका का विमोचन इंदौर, 4 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के एक दिन पूर्व इंदौर प्रेस क्लब सभागृह में सेवा सुरभि के बैनर तले हुए आयोजन में निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने कहा…

Ground water : टूटने लगा है भूजल पर भरोसा

बेरहमी से सतही जल उलीचने और जलस्रोतों को रौंदने के बाद इंसानी हवस की भरपाई के लिए अब भूगर्भीय जल की बारी है, लेकिन हमारे पास कितना भूजल है? क्या उसे विकास की मौजूदा रफ्तार के चलते बचाया जा सकेगा?…

प्राकृतिक खेती : हिम्मत बंधाता हमीरपुर

विकास के शहरी ताम-झाम से थोडा भी बाहर निकलें तो हमें अपने लिए कारगर, उपयुक्त और लाभदायक विकास की बानगियां दिखाई देने लगती हैं। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले का यह इलाका इसी बात की तस्दीक करता है। संतोष एक ऐसा…

गायब हो रहे Non-AC कोच: रेलवे की संगठित लूट? | हमारा पैसा हमारा हिसाब

भारतीय रेल Non-AC डब्बों को ख़त्म करने जा रहा है। कुछ धीमी गति की रेलों और लोकल रेलों को छोड़कर, सभी रेलों में केवल वातानुकूलित air-conditioned डिब्बे ही होंगे। अपने पुराने मूल्यों से हटकर लगता है रेलवे अब बस लाभ…

राजदंड से सजाया गया लोकतंत्र

तमाम लोकतांत्रिक-संवैधानिक मर्यादाओं को धता बताते हुए हाल में संसद के नए भवन का उद्घाटन किया गया है। इस पूरे कार्यक्रम में एक तमाशा दक्षिण के चोल वंश के राजदंड ‘सेंगोल’ को लोकतंत्र का मंदिर कही जाने वाली संसद में…