भारतीय रेल Non-AC डब्बों को ख़त्म करने जा रहा है। कुछ धीमी गति की रेलों और लोकल रेलों को छोड़कर, सभी रेलों में केवल वातानुकूलित air-conditioned डिब्बे ही होंगे। अपने पुराने मूल्यों से हटकर लगता है रेलवे अब बस लाभ कमाने की फ़िराक में हैं। इन्ही सवालों के संदर्भ में पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।

अनशन से आगे का संघर्ष: सोनम वांगचुक से उठी एक ऐसी अपील, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को छू लिया
लोकतांत्रिक आंदोलनों का इतिहास केवल संघर्षों का इतिहास नहीं है, बल्कि उन नैतिक दुविधाओं का भी इतिहास है, जहाँ एक ओर सिद्धांतों के लिए जीवन दांव पर लगा होता है और दूसरी ओर वही जीवन आंदोलन की सबसे बड़ी पूंजी

