वन्‍य जीव एवं जैव विविधता

धरती के दिग्गज का संकट : हाथियों की घटती दुनिया

धरती के सबसे बड़े जमीनी जीव हाथी, जो बुद्धिमान और सामाजिक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, आज अस्तित्व के संकट में हैं। आवास विनाश, मानव-हाथी संघर्ष, अवैध शिकार और कैद में दुर्व्यवहार ने उनकी संख्या को तेजी से घटाया…

स्वस्थ और सुखी रहना है तो प्रकृति के साथ जीना होगा

28 जुलाई को मनाया जाने वाला ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ हमें इस सच्चाई से रूबरू कराता है कि लगातार मानवीय गतिविधियों और प्रकृति से छेड़छाड़ के चलते मौसम चक्र असंतुलित हो चला है। ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा, वनों की आग…

गोडावण वाले राधेश्याम विश्नोई : थार में जीवन का प्रहरी

स्‍मृति शेष यदि आप जैसलमेर की किसी भी गली में यह पूछें कि क्या किसी ने गोडावण देखा है, तो जवाब में राधेश्याम विश्नोई Radheshyam Pemani Bishnoi का नाम अवश्य सुनने को मिलेगा। गोडावण, यानी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड—वह दुर्लभ पक्षी,…

जीवन के लिए जैव-विविधता

एक तरह से देखें तो धरती पर जीवन को पैदा करने, उसे बनाए रखने और उसका पेट भरते रहने में जैव-विविधता सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैव-विविधता के इसी उप‍कार को याद दिलाते रहने के लिए हर साल दुनियाभर में…

वन्‍य जीवन : बाघों के बहाने वीरान होते गांव

पर्यावरण के पिरामिड की चोटी पर बाघ विराजता है और उस पर मंडराता कोई भी संकट दरअसल पर्यावरण पर संकट माना जाता है। जाहिर है, ऐसे में किसी भी कीमत पर बाघ और उसके लिए जंगल बचाना ‘वैज्ञानिक वानिकी’ की…

केदारनाथ का पैदल मार्ग : कितना सुरक्षित? 

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,968 फीट की ऊंचाई पर बसा केदारनाथ मंदिर शीतकाल में 6 महीने बंद रहने के बाद अब 2 मई को फिर से खुलने वाला है। चारधाम यात्रा के इस हिस्से में लाखों श्रद्धालु आते हैं,…

गोरैया : कहां गायब हो गई यह छोटी चिडिय़ा?

गोरैया को बचाना केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और संस्कृति की भी जरूरत है। यह चिडिय़ा हमारे बचपन की साथी रही है, हमारे आंगन की रौनक रही है। इसे वापस लाना है तो इसके लिए हमें अपने घरों,…

नर्मदा क्रूज प्रोजेक्ट से पानी की गुणवत्ता पर असर, मछलियों और जलीय जैव विविधता भी नष्ट होगी

यह कदम सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन बडवानी, 13 जनवरी । मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। विभाग ने हाल ही में नर्मदा नदी पर मेघनाथ…

हिमालय : वनों की बदहाली

यह जानने के लिए किसी रॉकेट-साइंस की जरूरत नहीं है कि इंसानी वजूद के लिए वन और उनके साथ पर्यावरण का संरक्षण कितना जरूरी है, लेकिन सरकार से लेकर समाज तक का कोई भी तबका इसे अपेक्षित अहमियत देता नहीं…

लद्दाख : पहाड़ों, नदियों के विनाश के खिलाफ व भविष्य के लिए खड़े होते लोग

पिछले 2 महीनों से 3 लाख आबादी वाले लद्दाख की 10 प्रतिशत आबादी यानि 30 हज़ार से भी ज़्यादा लोग, अपने जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण, अपने रोजगार और समाज और अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं! लद्दाख की 90% आबादी आदिवासी…