Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

डॉ. किशोर पंवार

पेड़ संसार : बेकार नहीं है बबूल !!

कभी, कहीं वृक्षारोपण करना हो तो बबूल का नंबर सबसे अंत में आता है। वजह है, बबूल से जुड़ी उसके नकारा होने की अफवाहें। अरावली पर्वत श्रृंखला के उजाड़े जाने की महती देशव्यापी चर्चा के बीच इस कांटेदार बबूल की…

व्यवसाय : ‘डिनर प्लेट प्लांट’ कनकचंपा

प्रकृति के कमाल की एक और बानगी है – कनकचंपा का वृक्ष। इसके पत्तों को बिना किसी मशीनी काट-छांट के थाली-कटोरी की तरह भोजन परोसने-खाने के काम में लगाया जा सकता है। क्या हैं, इस वृक्ष की खासियतें? मेरी कॉलोनी…

बहु आयामी पेड़ : पेड़ों पर ओपी जोशी की पुस्तक

मध्यप्रदेश के जाने-माने पर्यावरणविद्, लेखक और सामाजसेवी डॉ.ओ.पी. जोशी की पेडों पर हाल में आई किताब ‘बहु आयामी पेड़’ अपने अनूठे अंदाज में पेडों से जुड़ी विविध जानकारी देती है। पेड़ों से जुड़ा कोई प्रसंग इससे अछूता नहीं है, चाहे वह…

श्राद्ध-पक्ष : कौन है ‘फूलधारी’ पौधों का पूर्वज?

हिन्दू परम्परा में श्राद्ध-पक्ष पूर्वजों को याद करने की खातिर मनाया जाता है, लेकिन क्या हम कभी अपने आसपास की प्रकृति के पूर्वजों का भी स्मरण कर पाते हैं? रोटी, कपडा और मकान की बुनियादी जरूरतों के लिए परम्परा से…

Rudraksha रुद्राक्ष के चमत्कार : क्या कहता है विज्ञान?

आजकल एक गुठली की चर्चा कुछ ज़्यादा ही हो रही है। इसके चमत्कारी प्रभाव का लाभ लेने के लिए इसे अभिमंत्रित कर मुफ्त में बांटा जा रहा है ताकि आमजन को विभिन्न व्याधियों से मुफ्त में मुक्ति दिलाई जा सके।…

फिर आया मौसम, हरे छाते रोपने का

गर्मी की तीखी धूप और मूसलाधर बरसात से बचने के लिए प्रकृति ने हमें पेडों के रूप में सामूहिक छाते उपलब्ध करवाए हैं। मानसून का यह मौसम इन ‘छातों’ को रोपने का है। ग्रीन ‘इको फ्रेंडली’ ‘एयर कंडीशनर’ से ताजी…

मानसून : जंगल के बादलों से बरसात

सभी जानते हैं कि वाष्पीकरण के चलते बादल बनते हैं और बरसात होती है, लेकिन क्या ये बादल विशेष प्रकार की पत्तियों वाले जंगलों में भी बन सकते हैं? खासकर उन जंगलों में जो वाष्पीकरण वाले तटीय इलाकों से बहुत…