भारत डोगरा इस वर्ष 14 अप्रैल को चंबल घाटी में बागियों-डाकुओं के समर्पण के 54 वर्ष पूर्ण हुए। इस अवसर पर समर्पण करने वाले अनेक बागी यहां एकत्र हुए व उन्होंने अहिंसा व अमन-शांति की राह के लिए अपनी प्रतिबद्धता नए सिरे से दोहराई।…
“यह रिवरफ्रंट विकास नदियों की हत्या है, नदियों को नालों में बदल देना है।” यह केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं, बल्कि जल-संरक्षण के क्षेत्र में दशकों से काम कर रहे राजेंद्र सिंह की गहरी पीड़ा और चेतावनी है। वे मानते…
तेईस साल पहले ‘एशियन डेवलपमेंट बैंक’ के कर्ज के साथ मिले सलाह-नुमा-निर्देशों को मैदान में उतारने की खातिर ‘मध्यप्रदेश विद्युत मंडल’ को तीन तरह की कंपनियों में इसलिए विभाजित किया गया था, ताकि इससे मंडल का घाटा कम या समाप्त…
हमें अपनी सरकारों, सेठों और समाज में बहुतायत से व्याप्त पाखंड को देखना हो तो पतित पावनी मानी गईं गंगा के प्रति पिछले कुछ दशकों से किए जा रहे अपने व्यवहार को देखा जा सकता है। स्वर्ग-नसेनी के दर्जे की…
अमरीका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ा गया निरर्थक युद्ध अब असर दिखाने लगा है। भरे-पूरे, जीवित देशों की बरबादी और असंख्य मौतों के अलावा तेल की कमी से पैदा हुए कृषि, खाद्य, परिवहन और तरह-तरह की जरूरतों के संकट ने…
जीते-जागते इंसानों, सभ्यताओं, प्राणियों और स्व-निर्मित संसाधनों को नेस्तनाबूद करने के अलावा युद्ध पर्यावरण का भी विनाश करते हैं। विडंबना यह है कि पर्यावरण की यह बरबादी सदियों वापस पटरी पर नहीं आ पाती। क्या होता है, यह नुकसान? इसकी…
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि क्या केवल रोगों की अनुपस्थिति ही स्वास्थ्य है, या शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन ही वास्तविक सुख का आधार है। बढ़ती जनस्वास्थ्य चुनौतियों के बीच स्पष्ट है कि बेहतर…
हर वर्ष 30 मार्च को मनाया जाने वाला ‘अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस’ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली का वैश्विक संदेश देता है। इसका उद्देश्य कचरा कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। बढ़ते प्लास्टिक उपयोग और खाद्य…
पश्चिम एशिया में मची भारी उठा-पटक ने कई मानवीय त्रासदियों के साथ ऊर्जा संकट को भी गहरा दिया है। भारत जैसे, अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए करीब 90 फीसद आयात पर निर्भर देश इस मारा-मार में भारी कठिनाइयों का सामना…
‘एकता परिषद’ के अध्यक्ष डॉ. रनसिंह परमार का यूं अचानक हम सबसे सदा के लिए विदा होना, हालांकि एक बार फिर जीवन की क्षणभंगुरता को ही उजागर करता है, लेकिन थोड़े धीरज से देखें तो उनकी कमी कई जगहों पर,…