समसामयिक

निर्वासन में नेतृत्व : दलाई लामा का अद्वितीय संघर्ष

पूर्वोत्तर तिब्बत के एक छोटे से घर से शुरू हुई ल्हामो थोंडुप की यात्रा 14वें दलाई लामा के रूप में विश्वव्यापी करुणा और शांति के संदेश तक पहुंचती है। निर्वासन, राजनीतिक संघर्ष और सांस्कृतिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अहिंसा, लोकतंत्र…

भगत सिंह और लोहिया : शहादत की विरासत और राजनीतिक विडंबना

23 मार्च केवल शहादत का दिन नहीं, बल्कि विचारों और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी तथा डॉ. राममनोहर लोहिया की समाजवादी दृष्टि हमें समानता, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के…

जल की उपलब्धता और शुद्धता का संकट

भारत में जल संसाधनों का असमान वितरण और तेजी से गिरता भूजल स्तर एक गंभीर संकट का संकेत है। बढ़ती खपत, प्रदूषण और कमजोर प्रबंधन के कारण स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। यदि समय रहते संरक्षण, पुनर्भरण और प्रभावी…

सामयिक : अपने-अपने ‘एपस्टीन’

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’ ने साबित कर दिया है कि असीमत पूंजी इंसान की अंतर्निहित गंदगी को कई-कई गुना बढ़ाती, उजागर करती है। कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी उठा-पटक और दुनिया…

मौज-मजे के पर्यटन-स्थल बनते तीर्थ

सत्ता, सेठ और समाज में बढ़ी पूंजी की हवस ने अब पवित्र तीर्थों को पैसा कूटने वाले पर्यटन-स्थलों में तब्दील कर दिया है। यह इस हद तक हो रहा है कि तीर्थस्थलों के आसपास के लोगों, पर्यावरण और जीवन तक…

आधी आबादी को अवसर से बदलेगी फिज़ा

सामाजिक न्याय और टिकाऊ विकास की राह में महिलाओं का सशक्तिकरण निर्णायक भूमिका निभाता है। फिर भी वैश्विक स्तर पर महिलाएँ समान कार्य के बावजूद पुरुषों से कम वेतन पाती हैं और अवसरों तक उनकी पहुँच सीमित रहती है। ऐसे…

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘एआई’ : मुकाबले में इंसानी अक्ल

कम्प्यूटर, इंटरनेट के बाद अब हमारे संसार में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ यानि ‘एआई’ का अवतार हुआ है। कहा जा रहा है कि इंसानी वजूद की तमाम-ओ-तमाम हरकतें ‘एआई’ की मार्फत आसानी से हल कर ली जाएंगी। यहां तक कि सोचने-विचारने की…

क्या लुप्त हो जाएंगे उज्जैन के पौराणिक सप्तसागर ?

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित पौराणिक सप्तसागर धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अद्वितीय हैं, लेकिन आज ये गंभीर उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार हैं। अवैध कब्जों और गंदे पानी के कारण इन जलाशयों का अस्तित्व संकट में है। हाल…

वाइन व्यवसाय : ‘अंगूर की बेटी’ की असलियत

प्याज, लहसुन और फूलों समेत सब्जियों के लिए ख्यात नासिक अब वाइन उद्योग को बढ़ावा देने में लगा है, लेकिन क्या यह बाजार के अलावा व्यापक समाज के लिए भी मुनासिब होगा? अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के देशों ने यही…

स्मृति-शेष : मार्क टुली और भारतीय पत्रकारिता के छह दशक

भारत की आत्मा को शब्द देने वाले पत्रकार मार्क टुली का निधन केवल एक व्यक्तित्व का अंत नहीं, बल्कि संवेदनशील, संतुलित और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के एक युग का अवसान है। बीबीसी की शांत आवाज से उन्होंने भारत को दुनिया से…