समसामयिक

77वें गणतंत्र पर भारत : गर्व भी, प्रश्न भी, संकल्प भी

77वें गणतंत्र दिवस पर भारत अपनी उपलब्धियों पर गर्व करते हुए और चुनौतियों से आँख मिलाते हुए आत्ममंथन करता दिखाई देता है। युवा शक्ति, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी प्रगति देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है,…

भारत में गणतंत्र : चुनौतियाँ, विफलताएँ और समाधान

हम अपने गणतंत्र की 77वीं सालगिरह मना रहे हों, लेकिन क्या सचमुच हमारा लोकतंत्र उस तरफ बढ़ रहा है जिसकी उम्मीद हमने करीब आठ दशक पहले की थी? मसलन–क्या हमारी दो सदनों–लोकसभा, राज्यसभा–वाली संसद और राज्यों की विधानसभाएं अपेक्षित अवधि…

गिग वर्कर्स : दस मिनट में डिलीवरी का अंत

दस मिनट में कोई सामान आप तक पहुंचाने वाले डिलीवरी बॉय या ‘गिग वर्कर्स’ लगभग हर शहर में बगटूट भागते, अपनी मोटर साइकलें दौड़ाते आपको दिख जाएंगे। क्या उनकी इस बदहवासी में सिर्फ कमाई का प्रोत्साहन भर रहता है? या…

वर्ष 2025 : प्राकृतिक आपदाओं का घटनाक्रम

इंसानी गतिविधियों ने प्रकृति को इस कदर बेचैन कर दिया है कि अब खुद इंसान ही संकट का सामना कर रहा है। विकास की हड़बड़ी में लगातार बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन ने इस बदहाली को और भी बढ़ा दिया है।…

बढ़ते शहरीकरण में पिछड़ता कचरा प्रबंधन

देश के दस लाख आबादी से अधिक के शहरों में इंदौर को स्वच्छता में अव्वल माना गया है, लेकिन हाल में उसी इंदौर में प्रदूषित पानी पीकर दस लोगों को अपनी जान गंवाना पड़ी और करीब 150 लोग बीमार हुए…

सामयिक : ऐसे नहीं चलते देश !

आसपास के सभी पड़ौसी देशों के साथ तनाव हमें कैसी वैश्विक परिस्थितियों में ले जा रहा है? और क्या यह बढ़ता तनाव हमारी बचकानी हरकतों के चलते नहीं बन रहा है? प्रस्तुत है, हाल में बांग्लादेश के एक क्रिकेट खिलाड़ी…

इंदौर : विकास और बुनियादी ज़रूरतों के बीच संकट

स्वच्छता का सिरमौर कहलाने वाला, विकास और समृद्धि की चमक में डूबा इंदौर आज एक भयावह विडंबना से गुजर रहा है। जहाँ मेट्रो, फ़्लाईओवर और करोड़ों के समारोह हैं, वहीं लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। भागीरथपुरा की त्रासदी…

सत्ता, विचारधारा और शिक्षा : ऐसे तो नहीं बनेगी भारतीय ज्ञान प्रणाली

भारतीय ज्ञान प्रणाली की दुहाई देने वाली सरकार के दौर में विश्वविद्यालयों में विद्वता, गरिमा और बौद्धिक स्वतंत्रता पर अभूतपूर्व संकट गहराता जा रहा है। बिलासपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय में कथाकार मनोज रूपड़ा के साथ कुलपति के अशोभनीय व्यवहार से लेकर…

वेनेज़ुएला पर साम्राज्यवादी आक्रमण : युद्ध, वर्चस्व और विश्व शांति का संकट

वेनेज़ुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में साम्राज्यवादी हस्तक्षेप की खतरनाक मिसाल है। यह केवल वेनेज़ुएला की संप्रभुता पर हमला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और संप्रभु समानता की पूरी व्यवस्था को…

अब तक लटका है, ‘सरदार सरोवर’ का पुनर्वास

‘सरदार सरोवर’ के शुरुआती दौर में तब के ‘नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण’ के उपाध्यक्ष सुशीलचन्द्र वर्मा ने अपनी किताब में दुनिया का सर्वोत्तम विस्थापन-पुनर्वास बताते हुए जिस तरह परियोजना के कसीदे पढ़े थे,आज वे धूल-धूसरित दिखाई दे रहे हैं। बांध…