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पुनर्जीवित नदी पार्बती के प्रेम और सैरनी के शेरों का बुलावा

18, 19 और 20 मई को सैरनी के तट पर जल योद्धाओं का मिलन सम्‍मेलन चंबल घाटी की सूख चुकी सैरनी नदी अब शुद्ध सदानीरा होकर बह रही है। मई के माह में भी सैरनी नदी में पूर्णतः जल प्रवाह…

‘जलवायु परिवर्तन’ के जबाव में ‘जन्म-हड़ताल’ birth strike

सत्तर के दशक से जोर पकड़ते पर्यावरण-प्रदूषण ने अब ऐसे ‘जलवायु परिवर्तन’ climate change तक की यात्रा पूरी कर ली है जिसमें माताएं बच्चों को जन्म तक देने से बचना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध…

जुलाई से शुरू होगा भोपाल में देश का दूसरा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय

शिक्षा, विकास और स्‍वास्‍थ्‍य  से संबंधित स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश आरंभ 12  मई, 2023, भोपाल : मध्‍य भारत के इलाके में देश का दूसरा अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, भोपाल में शुरू होने जा रहा है। अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय,…

विभिन्न संस्कृतियों और परिवेशों को जोड़ने का काम करते है प्रवासी पक्षी

13 May ‘World Migratory Bird Day 2023’ प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को विश्व भर के लोगों को समझाने और उन्हें जागरुक करने के लिए साल में दो बार मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को…

वन के व्यापार में बेदखल होते आदिवासी Tribals

अपने तरह-तरह के जैविक, सामाजिक और प्राकृतिक उपयोगों के आलावा आजकल जंगल व्यापार-धंधे में भी भारी मुनाफा कूटने के काम आ रहे हैं। इसमें सेठों, सरकारों की बढ़-चढ़कर भागीदारी हो रही है। कैसे किया जाता है, यह कारनामा? और क्या…

जिद्दू कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy : देखने और सुनने की कला बने शिक्षा का हिस्सा

12 मई : जन्‍म दिवस प्रसंग कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूल में शिक्षक और छात्र दोनों ही जीवन के बुनियादी सवालों की पड़ताल करें बगैर किसी दबाव के। यह पड़ताल बाहरी दुनिया से शुरू…

गांधीवादी नेता राजगोपाल पी.व्ही. विश्व प्रसिद्ध 40 वें निवानो शांति पुरस्कार से सम्‍मानित

पुरस्‍कार राशि से “शांति कोष” स्‍थापित करने का फैसला भोपाल, 11 मई। प्रख्यात गांधीवादी व सर्वोदयी नेता, एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल पी.व्ही. को आज जापान में न्याय और शांति के लिए अहिंसक माध्यमों से उनके असाधारण योगदान के…

बढ़ती गर्मी : गर्मी में भी कितनी तेज धार है. . .

विकास के मौजूदा तौर-तरीकों के चलते दिन-दूनी, रात-चौगुनी बढ़ती गर्मी ने हमें हलाकान कर दिया है। ऐसे में उसके प्रकोप से बचने के अलावा हमारे पास और क्या रास्ता है? भीषण गर्मी में अपने को बचाए रखने की तजबीज पर…

समसामयिक : आज आपकी जरूरत है, आर्य चाणक्य

अपने आसपास के समाज और उसके संसाधन, प्रकृति तथा उनको वापरने की भांति-भांति की तकनीक जानने वाले ढाई हजार साल पुराने अर्थशास्त्री आचार्य विष्णु गुप्त कौटिल्य यानि चाणक्य आज कितने मौजूं हैं? और क्या आज के अर्थशास्त्री कौटिल्य की तरह…

कार्बन डाईऑक्साइड: उत्सर्जन घटाएं या हटाएं?

यदि हम कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन के मौजूदा स्तर को लगभग 10 प्रतिशत यानी 4 अरब टन प्रति वर्ष तक कम करते हैं तो 10 लाख टन हटाने में सक्षम एक डीएसी संयंत्र हमें 13 मिनट के बजाय 2 घंटे से…