Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

अंतरराष्ट्रीय

कम उपभोग, ज्यादा संरक्षण : यही है शून्य अपशिष्ट का मंत्र

हर वर्ष 30 मार्च को मनाया जाने वाला ‘अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस’ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली का वैश्विक संदेश देता है। इसका उद्देश्य कचरा कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। बढ़ते प्लास्टिक उपयोग और खाद्य…

पश्चिम-एशिया में युद्ध : संकट में ऊर्जा

पश्चिम एशिया में मची भारी उठा-पटक ने कई मानवीय त्रासदियों के साथ ऊर्जा संकट को भी गहरा दिया है। भारत जैसे, अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए करीब 90 फीसद आयात पर निर्भर देश इस मारा-मार में भारी कठिनाइयों का सामना…

निर्वासन में नेतृत्व : दलाई लामा का अद्वितीय संघर्ष

पूर्वोत्तर तिब्बत के एक छोटे से घर से शुरू हुई ल्हामो थोंडुप की यात्रा 14वें दलाई लामा के रूप में विश्वव्यापी करुणा और शांति के संदेश तक पहुंचती है। निर्वासन, राजनीतिक संघर्ष और सांस्कृतिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अहिंसा, लोकतंत्र…

अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस : क्या भारत की अपेक्षा अमेरिकी जनता अधिक खुश है ?

भूटान की “सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता” की अवधारणा से प्रेरित अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (20 मार्च) आज विकास की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है। आय से आगे बढ़कर जीवन की गुणवत्ता, सामाजिक संबंध और मानसिक संतोष को महत्व देने वाली यह सोच,…

सामयिक : अपने-अपने ‘एपस्टीन’

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’ ने साबित कर दिया है कि असीमत पूंजी इंसान की अंतर्निहित गंदगी को कई-कई गुना बढ़ाती, उजागर करती है। कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी उठा-पटक और दुनिया…

8 वां अखिल भारतीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन संपन्न तिब्बती लोकतंत्र और आंदोलन पर चर्चा

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश, 12 मार्च। यहां आयोजित 8वें अखिल भारतीय/अंतरराष्ट्रीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन (International Tibet Support Groups Conference) में 32 देशों के 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य निर्वासित तिब्बतियों का समर्थन करना, तिब्बत…

जलवायु-परिवर्तन से जीत सकती हैं, महिलाएं

प्राकृतिक आपदाओं के अनुभव बताते हैं कि यदि दुनिया की आधी, महिलाओं की आबादी को अवसर मुहैय्या करवाए जाएं तो जलवायु-परिवर्तन से निपटा जा सकता है। यदि उन्हें शिक्षा, शारीरिक सक्षमता और व्यवहारिक ज्ञान प्राप्‍त करने का मौका मिले तो…

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘एआई’ : मुकाबले में इंसानी अक्ल

कम्प्यूटर, इंटरनेट के बाद अब हमारे संसार में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ यानि ‘एआई’ का अवतार हुआ है। कहा जा रहा है कि इंसानी वजूद की तमाम-ओ-तमाम हरकतें ‘एआई’ की मार्फत आसानी से हल कर ली जाएंगी। यहां तक कि सोचने-विचारने की…

‘ट्रेड-डील’ में सोयाबीन : पिछले दरवाजे से प्रवेश देने का कारनामा

अमरीका के साथ हुई हाल की ‘ट्रेड-डील’ के बारे में जितना, जो कुछ पता चल रहा है उससे उजागर हो रहा है कि यह ‘डील’ भारत के किसानों के लिए भांति-भांति के संकट खड़े करेगी। सोयाबीन उनमें से एक है।‘ट्रेड…

युद्ध का यशोगान : रक्षा बजट की दौड़ में उलझती दुनिया

कुछ लोग पूछते हैं कि ट्रंप की आक्रामक नीतियों पर दुनिया चुप क्यों है। कारण साफ है—जब शक्ति के साथ हथियार और आर्थिक प्रभुत्व जुड़ जाए, तो विरोध जोखिम बन जाता है। अमेरिका के बढ़ते रक्षा बजट, तकनीकी बढ़त और…