लोकतंत्र

चुनाव आयोग पर उठते सवाल : चोरी के साथ अब सीनाजोरी?

चुनाव आयोग की विशेष प्रेस कांफ्रेंस ने सिर्फ श्री ज्ञानेश कुमार गुप्ता का क़द छोटा नहीं किया। महज़ चुनाव आयोग नामक संवैधानिक संस्था की साख नहीं घटी। यह ना समझिए कि इस प्रकरण में चुनाव आयोग की हार और विपक्ष…

स्वतंत्रता दिवस : स्वराज्य से स्वधर्म तक

लगभग आठ दशकों की आजादी के बाद हम कहां, कैसे और किन हालातों में पहुंचे हैं? यदि कोई कभी इन सवालों के जवाब जानना चाहे तो उसे उन सपनों को खंगालना पड़ेगा जो हमने अपनी आजादी के बरक्स बुने थे।…

स्‍वतंत्रता दिवस : लोकतंत्र का मौजूदा सच !

अपने-अपने देश-काल के बरक्स हम अपने-अपने लोकतंत्र को चुनते, समझते और वापरते हैं, लेकिन क्या यह वही सर्व-जन-हिताय लोकतंत्र होता है जिसके भरोसे दुनिया के हम अधिकांश निवासी अपनी-अपनी वैतरणी पार करने के मंसूबे बांधते हैं? एक-दूसरे को नेस्तनाबूद करने…

Independence day 2025 : कुहासे में लोकतंत्र

आजादी के नतीजे में हमें जो सर्वाधिक काम की बात मिली है, वह है लोकतंत्र, लेकिन क्या हम उसे ठीक तरह से वापर रहे हैं? क्या आज, 78 साल बाद एक देश, एक समाज और एक राज्य की हैसियत से…

चुनाव आयोग : बिहार में बाहरी वोटर-एक शिगूफा

विधानसभा चुनाव के एन पहले बिहार में किए जा रहे मतदाता सूचियों के ‘एसआईआर’ यानि ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ में एक बात बाहरी, खासकर बांग्लादेशी फर्जी मतदाताओं की भी कही जा रही है। ‘चुनाव आयोग’ के अज्ञात ‘सूत्रों’ के हवाले से…

 लोकतंत्र में दो धमाके !

अभी कुछ दिन पहले हुई दो महत्वपूर्ण घटनाओं ने सभी का ध्यान खींचा है। इनमें से एक तो 2006 के मुंबई बम धमाकों में, जो ‘7/11 ब्लॉस्ट’ के नाम से जाना जाता है, 18 साल से जेल भुगत रहे सारे…

युद्ध, टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र

इंसान का आपस में साथ रह पाना कितना कठिन होता जा रहा है? क्या एक-दूसरे के बीच का फासला इतना गहरा हो गया है कि युद्ध के बिना इसे पाटा नहीं जा सकता? इसी मानवीय कमजोरी की पड़ताल करता विवेकानंद…

दिलों को बांटता ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’

कहा जाता है कि हर देश की एक सेना होती है, लेकिन पाकिस्तान में सेना का एक देश है। दो टुकडों में विभाजित और कई अन्य टुकडों में विभाजन के लिए तैयार उसी पाकिस्तान की सेना के मुखिया जनरल सैयद…

आर्थिक नीति : व्यापार की बदहाली और भारत

दूसरे विश्वयुद्ध के करीब सात दशक बाद का यह दौर दुनिया के आर्थिक ताने-बाने के लिहाज से वैसे भी खासा बदहवास था और ऐसे में दुनिया की पूंजी को हिलाने-डुलाने वाले अमरीका की गद्दी पर डोनॉल्ड ट्रम्प काबिज हो गए।…

आतंकवाद के खिलाफ साझा स्वर : जब देश एकजुट होता है, तो राजनीति क्यों बांटती है?

पहलगाम में 26 निर्दोषों की हत्या से उपजा शोक पूरे भारत को हिला गया, लेकिन इस गहरे दुःख में भी एक नई चेतना दिखाई दी—धर्म, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं को पार कर आम हिंदू और मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ…