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करुणाताई फुटाणे : करुणा से ओतप्रोत, जैविक खेती के लिए समर्पित जीवन

स्‍मृति शेष : करुणाताई फुटाणे गांधी विचारक ग्रामसेवा मंडल गोपुरी की अध्यक्ष करुणाताई फुटाणे का 66 वर्ष की आयु में 3 अगस्‍त सुबह 6 बजे गोपुरी स्थित उनके घर पर निधन हो गया। वह कई दिनों से बी.पी.और शुगर से…

ट्रेन त्रासदी : इससे पहले कि मुल्क भूल जाए वह दर्दनाक हादसा !

सवाल सिर्फ़ तत्कालीन हुकूमतों का ही नहीं है ! नागरिकों की एक बड़ी आबादी भी कुछ तो व्यवस्था-जनित कारणों और कुछ निजी तनावों के चलते गहरे अवसाद और मानसिक बीमारियों की शिकार होती जा रही है। समाज में अपराध और…

सर्व सेवा संघ : “गांधी” को गायब करने की साजिश

गांधी की अस्थियों को देश की जिन 12 नदियों के तटों पर विसर्जित किया गया था, गंगा किनारे का बनारस उनमें एक था। देशभर में ये स्थान राजघाट कहलाते हैं। अब उसी बनारस उर्फ वाराणसी के उसी राजघाट पर विनोबा,…

मणिपुर के महामहिम राज्यपाल के साथ गांधीजनों की शांति प्रयासों को लेकर सकारात्मक चर्चा

गांधीवादी संगठनों का प्रतिनिधि मंडल शांति संदेश के साथ मणिपुर पहुंचा मणिपुर, 1 अगस्‍त। देश के विख्यात गांधीवादी एवं चंबल में गांधीवादी प्रयासों से शांति का प्रयोग करने वाले राजगोपाल पीव्‍ही के आव्‍हान पर तीन सदस्यीय शांति प्रतिनिधि मंडल को…

गांधी दर्शन और विचार समाचार

सर्व सेवा संघ के गैरकानूनी कब्जे एवं अलोकतांत्रिक कार्यवाही के खिलाफ 9 अगस्त को राष्ट्रीय सम्मेलन

10 अगस्त को प्रतिरोध सभा का आयोजन वाराणसी, 1 अगस्त।  गांधी-विनोवा-जेपी की ऐतिहासिक विरासत सर्व सेवा संघ की जमीन को पुनः प्राप्त करने के लिए एवं सरकार की जुल्म, ज्यादती और गैरकानूनी जबरन कब्जे एवं अलोकतांत्रिक कार्यवाई के खिलाफ आगामी…

बेरहमी से बर्बाद किया जाता हिमालय

इन दिनों हिमाचलप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश जैसे देश के उत्तरी राज्यों में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। आम आबादी समेत वैज्ञानिक और राजनेता तक, सब जानते हैं कि इसकी बुनियादी वजह कथित विकास की खातिर अपेक्षाकृत नवजात पर्वत…

Gandhian Organisation : संस्थाओं को बचाना है ? पहले गांधी को बचाइए !

गांधी और सर्वोदय समाज के अधिकांश सेवक सिर्फ़ संस्थाएँ और उनकी ज़मीनें बचाना चाहते हैं, गांधी को नहीं ? वे संघ और भाजपा की भगवा सत्ता से इसलिए नहीं लड़ पाएँगे कि दोनों ही अपनी पूरी ताक़त के साथ सावरकर-गोडसे…

वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक 2023 : वनों के बिगाड़ के लिए बदल रहा कानून

करीब सवा चार दशक पहले, जब पर्यावरण दुनिया के सामने एक आसन्न संकट की तरह उभर रहा था, भारत में ‘वन (संरक्षण) अधिनियम-1980’ बनाया गया था। अब विकास की बगटूट भागती अंधी दौड़ के सामने पर्यावरण ओझल होता जा रहा…

ख़यालात बदलोगे तो हालात बदलेंगे !

इस दुनिया में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक मनुष्य की कहानी ख़यालात बदलने से हालात बदलने की अंतहीन कहानी है। ख़यालात से हालात बदलते ही रहेंगे यह हमारी दुनिया या जिन्दगी का सत्य है। हमारे ख़यालातों से ही पुरातनकाल…

मणिपुर में मुर्दा होता लोकतंत्र

तीन मई को मणिपुर के एक शहर चूराचांदपुर में मैतेई समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के खिलाफ निकाले गए विशाल जुलूस के बाद भड़की भयानक हिंसा ने अब समूचे उत्तर-पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे…