केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पर्यावरणविद् चंडीप्रसाद भट्ट होंगे मुख्य वक्ता, देशभर के कई चिंतक करेंगे सहभागिता नई दिल्ली,28 अगस्त। गांधीवादी चिंतक और ग्रामीण प्रौद्योगिकी को जीवन का ध्येय बनाने वाले देवेंद्र भाई गुप्ता की जन्मशताब्दी वर्ष पर 31 अगस्त…
विपिन जोशी की रिपोर्ट कौसानी की चाय अपनी अनूठी सुगंध और गुणवत्ता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है, जो उच्च कीमतों पर बिकती है। लेकिन इस चाय को आपके प्याले तक पहुंचाने वाले गरीब किसानों और श्रमिकों को उनके…
चुनाव आयोग की विशेष प्रेस कांफ्रेंस ने सिर्फ श्री ज्ञानेश कुमार गुप्ता का क़द छोटा नहीं किया। महज़ चुनाव आयोग नामक संवैधानिक संस्था की साख नहीं घटी। यह ना समझिए कि इस प्रकरण में चुनाव आयोग की हार और विपक्ष…
भोपाल/इंदौर, 25 अगस्त। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये के नाममात्र मूल्य पर निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय विवादों में घिर गया है। जन स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न संगठनों और विशेषज्ञों…
भोपाल, 25 अगस्त। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए स्कालर शीप के नवीनीकरण की एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रतिष्ठित अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप Azim Premji Scholarship 2025-26 का लाभ ले रहीं छात्राएँ अब आगामी शैक्षणिक सत्र…
वैसे बड़े बांधों का विरोध उन्हें ‘नए भारत के तीर्थ’ के तमगे से नवाजे जाने के बरसों पहले शुरु हो गया था, लेकिन आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मापदंडों पर बाकायदा समीक्षा करके उनको खारिज करने का सिलसिला अस्सी के…
राजेन्द्र जोशी चार दशकों के ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ की वर्षगांठ पर यह जानना बेहद रोचक हो सकता है आखिर इस लंबे संघर्ष कि शुरुआत कैसे हुई थी? कौन लोग थे जिन्हें पानी और उसके लिए बांधों की जरूरत के उस…
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना नदी पुनर्भरण अध्ययन के जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। पर्यावरणीय स्वीकृति तभी दी जा सकती है, जब जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्भरण क्षमता का आकलन शामिल हो। सुप्रीम कोर्ट…
भोपाल, 24 अगस्त। मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग मंत्रालय ने उच्च न्यायालय, जबलपुर के आदेशों के अनुपालन में सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति वृक्ष प्रजातियों से संबंधित अधिसूचनाओं का अध्ययन कर एक माह में…
भारत विभाजन की त्रासदी को लेकर सत्ता समर्थक लेखक और एनसीईआरटी का नया मॉड्यूल इतिहास को अधूरा व पक्षपाती रूप में पेश करते हैं। हिंदू महासभा-आरएसएस की भूमिका गायब है, नेहरू–पटेल का असमान चित्रण है और अंग्रेज़ों की जिम्मेदारी को…