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पर्यावरणविद् डॉ. खुशालसिंह पुरोहित वन विभाग मंत्रालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के मानद सदस्य मनोनीत

भोपाल, 24 अगस्‍त। मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग मंत्रालय ने उच्च न्यायालय, जबलपुर के आदेशों के अनुपालन में सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति वृक्ष प्रजातियों से संबंधित अधिसूचनाओं का अध्ययन कर एक माह में प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करेगी।

वन विभाग के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी क्षितिज कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति में प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरचना प्रौद्योगिकी) तथा भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नामांकित सचिवों को शामिल किया गया है। अशासकीय सदस्यों में पर्यावरणविद् डॉ. खुशालसिंह पुरोहित (रतलाम), भारतीय वन सेवा अधिकारी एवं वन विभाग के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान विस्तार) पी. सी. दुबे और पर्यावरणविद् मंंजुला श्रीवास्तव को भी सदस्य मनोनीत किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार समिति उच्च न्यायालय, जबलपुर, मध्यप्रदेश के आदेश दिनांक 01.03.2025 के अनुक्रम में मध्यप्रदेश अभियोजन वनोपज नियम 2000 के अंतर्गत 2005 व 2007 की अधिसूचनाओं से छूट दिए जाने वाली वृक्ष प्रजातियों का अध्ययन व सर्वे करेगी। इसके साथ ही समिति छूट हेतु प्रस्तावित वृक्ष प्रजातियों की राज्य के वनों में उपलब्धता का पता भी लगाएगी। समिति अपना प्रतिवेदन आदेश दिनांक से 1 माह में राज्य शासन वन विभाग को प्रस्तुत करेगी। समिति के अशासकीय सदस्यों की बैठक एवं क्षेत्रीय भ्रमण हेतु राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार मानदेय और यात्रा भत्ता देय होगा।

उल्‍लेखनीय है कि मप्र शासन के वन विभाग मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी. क्रमांक 13864/2019 विवेक शर्मा विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य तथा डब्ल्यू.पी. क्रमांक 26802/2018 आनंद विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य के संबंध में एक आदेश पारित किया गया। यह आदेश 01 मार्च 2025 को पारित हुआ था। इसकी कंडिका 115, 116 एवं 117 के परिणाम में मप्र शासन वन मंत्रालय द्वारा 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

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रतलाम निवासी डॉ. खुशालसिंह पुरोहित एक प्रख्यात पर्यावरणविद्, लेखक और पत्रकार हैं। वे चार दशक से प्रकाशित हिंदी मासिक पर्यावरण डाइजेस्ट के संपादक हैं, जो पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, सतत विकास और पारिस्थितिकी पर केंद्रित है। डॉ. पुरोहित को ‘पर्यावरण प्रकृति पुरोधा’ जैसी उपाधियाँ और अनेक राज्य स्तरीय तथा राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। हाल ही में उन्हें रतलाम नगर निगम की जैव विविधता प्रबंधन समिति (Biodiversity Management Committee) का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। उनके नेतृत्व में समिति शहर और आसपास के क्षेत्रों की जैव विविधता सूचीकरण, संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा की दिशा में कार्य कर रही है।

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