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अरावली का 40 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो चुका है राजस्थान में! : उपेंद्र शंकर

कोटा । सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावरमेंट कमेटी की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले पचास सालों में राजस्थान में 128 पहाड़ों में से 31 पहाड़ समाप्त हो चुके हैं। अरावली पर्वत, जो राजस्थान को दो हिस्सों में बांटता है, खनन…

सत्याग्रह से बापू की विरासत बचेगी

विरासत स्वराज यात्रा सत्याग्रह एक उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य है। बापू ने ‘नमक सत्याग्रह’ साबरमती आश्रम से शुरू किया था; उसे भी आज मिटाया जा रहा है। सादगी, समता, शांति, अहिंसामय द्वारा ‘हिंसक सत्ता से सत्य के लिए आग्रह’ करना ही…

वन मान्यता अधिनियम को लागू करने के लिए हर जिले में टास्कफोर्स का गठन हो

वन अधिकार कानून को लेकर एकता परिषद का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू भोपाल, 7 दिसंबर । वन मान्यता अधिनियम के लागू होने के 15 वर्षों के बाद भी वंचित आदिवासी समुदाय अपने हक और अधिकार से महरूम है। इन…

अब बी कार्बन न्यूट्रल एप से जान पाएंगे अपना कार्बन फुटप्रिंट, एप करेगा मदद कार्बन न्यूट्रल होने में

ग्लासगो में भारत के साल 2070 तक नेट ज़ीरो होने की घोषणा के बाद से नेट ज़ीरो ख़ासा चर्चित शब्द बन गया है। इतना कि गूगल पर “नेट ज़ीरो क्या होता है” सर्च करते ही 0.74 सेकंड में 3,78,00,00,000 नतीजे सामने आने लगे है। भारत के…

‘आत्मनिर्भरता’ का आधार

डॉ. पीएस वोहरा पिछले कुछ सालों के निजाम में हमारे आर्थिक विकास के लिए एक नया शब्द आया है – ‘आत्मनिर्भरता।अब देखना यह होगा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी रोडमैप के अंतर्गत अर्थव्यवस्था के लिए बनने वाली दूरदर्शी आर्थिक…

हमारी जीवनचर्या प्राकृतिक हो, प्रकृति के समीप रहकर सारी आवश्यकताएं पूरी करें

छतरपुर में प्राकृतिक जीवन दर्शन एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर सम्‍पन्‍न छतरपुर । मानव का शरीर यदि मिट्टी, पानी, हवा व अग्नि से मिलकर बना तो उसका उपचार भी हमें इन्हीं तत्वों में मिलता है । आज भी दूरवर्ती ग्रामीण…

साढ़े तीन दशक बाद भी नहीं हो पाया है भोपाल गैस त्रासदी के प्रभावों का मूल्यांकन

भोपाल गैस त्रासदी की 37वीं वर्षगांठ पर वक्तव्य भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल बाद भी गैस पीड़ितों का एक और वर्ष अनसुलझे मुख्य मुद्दों के बीच बीत गया। जहरीली गैस रिसाव त्रासदी के परिणामस्वरूप कम से कम 25,000 पीड़ितों…

जहरीली खेती से जुड़ा है, ‘भोपाल गैस कांड’

2-3 दिसंबर 1984 : भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल लंबे, दुखद और तकलीफ देह 37 साल गुजारने के बाद क्या हम यह कहने लायक हो पाए हैं कि अब कोई दूसरा ‘भोपाल गैस कांड’ नहीं होगा? जहरीले रासायनिक खादों,…

बराबरी के विरोध में मर्दानगी

हजारों साल की भारतीय संस्कृति का सतत गुणगान करने वाले हमारे समाज में औरतें आज भी दोयम दर्जे पर विराजमान हैं। मर्दों की मर्दानगी को कुछ ऐसी हैसियत प्राप्त है कि वह जब चाहे, जैसे चाहे औरतों के साथ कर…

‘एमएसपी’: कानून की कठिनाइयां

प्रधानमंत्री द्वारा कृषि संबंधी कानूनों के वापस लेने के बावजूद किसान अब भी दिल्ली घेरकर बैठे हैं तो उसकी वजह उनके अनेक बुनियादी मुद्दों के अब भी जहां-के-तहां लटके रहना है। इनमें से एक, सभी 23 फसलों पर कानूनी रूप…