डर अब ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ देखने को लेकर नहीं बल्कि इस बात पर सोचने से ज़्यादा लग रहा है कि अब अगर विभाजन की ‘वास्तविकता’ पर फ़िल्में बनाईं गईं तो वे कैसी होंगी? क्या विभाजन की त्रासदी पर ( ‘तमस’…
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने बुधवार 23 मार्च को एक ऐसी परियोजना की घोषणा की, जिसमें पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के लिए अगले पांच साल में मौसम-चेतावनी प्रणाली (अर्लि वेदर वार्निंग सिस्टम) तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। ऐसा करना अब इसलिए…
23 मार्च 2022, इंदौर। “हम युद्ध के समर्थक हरगिज नहीं हैं लेकिन हम चाहते हैं कि एक ऐसा राज्य बने जिसमें सबको समान अधिकार हासिल हो। कोई किसी के हिस्से का हक न छीनें। ऐसा समाजवादी राज्य हम चाहते हैं।”…
दी लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट एक ताज़ा विश्लेषण के अनुसार विश्व भर में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है। दी लैंसेट में इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई)…
रूसी अर्थव्यवस्था पर युद्ध जारी रखते हुए अमेरिका के नेतृत्व में एक तरफ दूसरे देशों को रूस के साथ व्यापार न करने को उकसाया जा रहा है तो दूसरी तरफ चीन, रूस का एक भरोसेमंद साथी बनकर उभर रहा है।…
आजकल सरकारों के सालाना बजट में तरह-तरह के प्रयोग होने लगे हैं। हाल में विधानसभा में प्रस्तुत किए गए मध्यप्रदेश के बजट में ‘चाइल्ड बजट’ उसी तरह का एक प्रयोग है। इसे राज्य के अनेक विभागों को आवंटित राशि में…
महात्मा गांधी भी न केवल फांसी की सजा के विरोध में थे, वरन उन्होंने हिंसात्मक गतिविधियों में लिप्त, क्रांतिकारियों, नजरबंद लोगों की रिहाई की मांग लार्ड इरविन से की, जिन्हें अंग्रेजी हुकूमत ने बिना मुकदमा चलाए, बिना अभियोग लगाए या…
देश का साम्प्रदायिक माहौल बिगड़ रहा है। जो काम कभी अंग्रेजी हुकूमत करती थी वही काम इस समय देश का शासकवर्ग कर रहा है। देश का साम्प्रदायिक वातावरण बिगाड़ने, लोगों को बांटने और शासन करने की साजिशें परवान चढ़ रही…
कोयला संयंत्रों की तुलना में परमाणु उर्जा को स्वच्छ उर्जा माना जाता है। परमाणु उर्जा संयंत्रों की दक्षता भी अधिक होती है – समान मात्रा में कोयले की तुलना में 20,000 गुना अधिक उर्जा प्राप्त होती है। लेकिन इन संयंत्रों…
वैकल्पिक विकास पर विश्वास करने वाले व्यक्तियों, आंदोलनों और संस्थाओं के नेटवर्क ‘विकल्प संगम’ ने हाल ही में पेश किये गए देश के आम बजट का पर्यावरण की नज़र से विश्लेषण किया है।‘विकल्प संगम’ के विश्लेषण का ईशान अग्रवाल द्वारा…