विश्व पर्वत दिवस पर अरावली का संकट राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। निर्णयों ने पर्वतमाला के बड़े हिस्से को खनन के लिए सौंपने का रास्ता खोल दिया है, जिससे गाँवों की जल–कृषि व्यवस्था, वन्यजीवों का जीवन और पर्यावरणीय…
रायपुर राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य सम्मेलन में पारित हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव रायपुर, 10 दिसंबर। स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण और व्यावसायीकरण से उत्पन्न खतरे को रोकने के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाने तथा अप्रैल 2026 में व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर पखवाड़ा मनाने…
दुनिया तेज़ विकास की दौड़ में पर्यावरण, गरिमा और मानवाधिकारों की उपेक्षा करती जा रही है। आधुनिकता ने नए जोखिम खड़े किए हैं, जिससे आज की पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। इसी संदर्भ में मानवाधिकार दिवस 2025 की…
हम 10 दिसंबर को मानवाधिकारों का उत्सव मनाते है। उस दिन की स्मृति में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। यह घोषणा हमारे समाजों के मानवाधिकार ढांचे की रीढ़ है, जहां हममें…
राम मंदिर पर स्थापित केसरिया ध्वज ने कोविदार वृक्ष के प्रतीक और उसकी प्राचीन परंपरा को फिर केंद्र में ला दिया है। रघुकुल के ध्वज से जुड़े इस वृक्ष को लेकर कचनार-कोविदार की पहचान, आयुर्वेदिक मतभेद और वैज्ञानिक अध्ययनों ने…
अरावली की जिस पर्वतमाला को बचाने के लिए नब्बे के दशक में समाज के साथ साक्षात सुप्रीम कोर्ट तक आगे आया था, आज उसके हाल बेहाल हैं। तरह-तरह की कोशिशों के बावजूद भारत की इस ‘रीढ़’ को बर्बाद किया जा…
जयपुर, 8 दिसंबर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित “न्याय निर्माण मेला” के दौरान हुए “अरावली बचाओ सम्मेलन” में अरावली पर्वतमाला से जुड़े चार राज्यों—राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली—के साथ-साथ देशभर के अनेक क्षेत्रों से आए लोगों ने एक स्वर…
कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई झंडा ऊँचा रहे हमारा अभियान की स्वागत समिति की बैठक में व्यापक चर्चा इंदौर, 7 दिसंबर। पिछले 23 वर्षों से लगातार गणतंत्र दिवस की बेला में ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा अभियान’ की प्रवर्तक…
रायबरेली, 7 दिसंबर। उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता और चंबल घाटी शांति मिशन के लंबे समय तक सक्रिय सदस्य रहे रविन्द्र भाई का आज तड़के सुबह 5 बजे स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया। वे…
भारत में घरेलू महिला हिंसा की ताज़ा तस्वीर गहरी चिंता पैदा करती है। WHO और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि हर तीसरी महिला अपने ही साथी की हिंसा का शिकार होती है, लेकिन दर्ज मामले वास्तविक पीड़ा का छोटा…